Friday, 24 April 2015

मुंबई विकास प्लान के हत्यारी कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर वसूलों 12 करोड़

मुंबई विकास प्लान के हत्यारी कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर वसूलों 12 करोड़

आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली की मुख्यमंत्री से मांग

मुंबई को विद्रूप करनेवाला प्लान बनाकर मुंबई के विकास प्लान की हत्यारी कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर उससे 12 करोड़ वसूल करने की मांग आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से की हैं।

आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मुख्य सचिव स्वाधीन क्षत्रिय और मनपा आयुक्त सीताराम कुंटे को लिखे हुए पत्र में उनका ध्यान इस ओर आकृष्ट किया है कि इसके पहले वाला विकास प्लान वर्ष 1991 से 2011 इस कार्यकाल के लिए था। उसवक्त मनपा के करीब 80 अभियंता एवमं
कर्मचारी ने किसी भी तरह की गलती किए बिना प्लान को बनाया था। मनपा ने वर्ष 2009 से नया प्लान बनाने की प्रक्रिया को शुरु कर सर्वप्रथम 'एस.सी.इंडिया लिमिटेड' इस सलाहकार की नियुक्ती की।  उसके बाद उस एजेंसी से मन मुताबिक और समाधानकारक काम न होने पर 'एजिस जिओ प्लॉन' इस एजेंसी को काम दिया। इन दोनों एजेंसी को मिलकर 12 करोड़ दिए गए। लेकिन उन्होंने पुरे पैसे लेने के बाद भी ईमानदारी और जमीनी हकीकत के आधार पर काम नही करने से विकास प्लान विवादित हुआ।

जनता के 12 करोड़ रुपए इन एजेंसी को दिए जाने से ये रकम उनसे व्याज सहित वसूल कर उन कंपनियों को ब्लैक लिस्ट करे और इस काम पर ध्यान रखनेवाले सक्षम प्राधिकारी वर्ग पर कारवाई करने की मांग अनिल गलगली ने की है।

एसएचआरएम इंडिया ने एचआर टैक कॉन्फ्रेंस २०१५ का सफलतापूर्वक सम्पन्न

एसएचआरएम इंडिया ने एचआर टैक कॉन्फ्रेंस  २०१५ का सफलतापूर्वक  सम्पन्न

संवाददाता
मुंबई/ मानव संसाधन प्रबंधन के लिए समर्पित दुनिया की सबसे बड़ी संस्था सोसाइटी फॉर ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट (एसएचआरएमन्) ने अपनी किस्म की पहली एसएचआरएम इंडिया एचआर टैक्नोलॉजी कॉन्फ्रेंस  एंड ऐक्सपोज़िशन’ का समापन किया। आज, मुंबई के पैलेडियम होटल में आयोजित यह एक दिवसीय सम्मेलन में ४५० प्रतिनिधि, १२० संगठनों से मध्यम व वरिष्ठ स्तर के एचआर प्रोफेशनल एवं कॉर्पोरेट लीडर तथा दुनिया भर के विख्यात अग्रणी विचारक एकत्र हुए। इस आयोजन में भाग लेने वालों को टैक्नोलॉजी के विभिन्न पहलुओं पर अपने अनुभव साझा करने का अवसर प्राप्त हुआ तथा खास ढंग से तैयार किए गए । एसएचआरएम इंडिया की सीईओ अचल खन्ना ने कहा, ’’इस सम्मेलन में जानकारीपूर्ण और लाभकारी चर्चाएं हुईं जिनमें तीव्रता से विकसित होते व टैक्नोलॉजी से बढ़ते कॉर्पोरेट जगत में एचआर की अहम भूमिका पर विमर्श हुआ। मुझे विश्वास है कि सम्मेलन के दौरान वक्तव्यों एवं चर्चाओं के सत्रों तथा प्रदर्शनी में इंट्रैक्टिव डैमो व सिमुलेशन के द्वारा हम में से हर एक ने काफी कुछ सीखा ऐसा पहली बार हो रहा है कि टैक्नोलॉजी के असर के सूक्ष्म मूल्यांकन व विचार-विमर्श हेतु इस प्रकार का मंच बनाया गया जिससे एक जीवंत, प्रतिस्पर्धी एवं उत्पादक कार्यस्थल सुनिश्चित किया जा सके।’’ सम्मेलन के दौरान तीन बड़ी घोषणाएं भी हुईंः एसएचआरएम ने एक्सएल्आरएल, जमशेदपुर एवं टैलेंटऐज के सहयोग से एक इंटीग्रेटिड एचआर ऐक्ज़ीक्यूटिव सर्टिफिकेट प्रोग्राम लांच किया गया एसएचआरएम द्वारा ’सोशल मीडिया पर शीर्ष २५ भारतीय मानव संसाधन प्रभावक’ रिपोर्ट का लांच; तथा ग्रोन आउट द्वारा नेक्स्ट-जेन रैफरल हायरिंग टैक्नोलॉजी सॉल्यूशन का लांच। एचआर ऐक्जीक्यूटिव सर्टिफिकेट प्रोग्राम मानव संसाधन प्रबंधन की विस्तृत समझ प्रदान करेगा और पेशेवरों को भविष्य में एचआर लीडरशिप की भूमिकाओं के लिए तैयार करेगा। शीर्ष २५ एचआर प्रभावक रिपोर्ट में अग्रणी एचआर पेशेवरों के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर योगदान के बारे में जानकारी दी गई है तथा ग्रोन आउट द्वारा नया सॉफ्टवेयर टूल एचआर पेशेवरों को यह क्षमता प्रदान करेगा कि वे सभी पहलुओं पर ऑनलाइन स्पेस का इस्तेमाल करते हुए टैलेंट ऐक्विज़िशन को आसानी से मैनेज कर सकेंगे।



सर्व शिक्षा अभियान के कर्मचारीयों की तन्खॉह रुकी नगरसेविकाओ के कोर्धीत होते ही तन्खॉह देने का आदेश

सर्व शिक्षा अभियान के कर्मचारीयों की तन्खॉह रुकी
नगरसेविकाओ के कोर्धीत होते ही तन्खॉह देने का आदेश
संवाददाता
मुंबई/मुंबई महानगर पालिका अंतर्गत सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत काम करने वाले कर्मचारीयो के बारे में शिक्षण समिती में महिला नगर सेविकाओ ने अपनी महिला शक्तीकी ताकद दिखाते ही शिक्षा विभाग ने सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत काम  करने वाले कर्मचारीयो को चार से पाच दिनों में तन्खाह दिए जाने का दिया आश्वासन । 
सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत काम करनेवाले ११ कर्मचारीयो को पिछले ८ महिने से तन्खॉह नही दिया गया. तन्खॉह न मिलने से कर्मचारीयो के घरो में दयनीय परिस्थिती है. इन कर्मचारीयो को तन्खॉह न मिलने पर  महिला कर्मचारीयो को वेश्या व्यवसाय  करके घर चलाना पडेगा .एक कर्मचारी के लडके की शादी ११ मई को है. एैसे  कर्मचारी के घर के परिस्थितीका विचार करे और जल्द तन्खॉह दिया याए इस तरह की मांग यामीनी जाधव ने  औचित्य का मुद्दा द्वारा किया यामीनी जाधव के औचित्य का मुद्दा को सर्मथन देते हुए शीतल म्हात्रे ने तन्खॉह न देनेवाले  शिक्षण विभागके उप आयुक्त व् शिक्षण अधिकारीयो की तन्खॉह रुकवा दे, इन अधिकारीयो के तन्खाह मे आधी तन्खॉह सर्व शिक्षा अभीयान के कर्मचारीयो को दो तब जाकर इन कर्मचारीयो को समझ में आएगा यह. प्रकाश दरेकर ने ठीक तरह से काम करने वाले अधिकारीयो को घर बैठाने की मांग निर्दलिय नगरसेविका ज्योती अल्वानी ने तन्खॉह न भेजने वाली अकाउंटन्ट वैशाली के उपर कारवाई  किए जाने की मांग की 
सर्व शिक्षा अभियान के भितर काम करनेवाले कर्मचारीयो का तन्खॉह दिएजाने के लिए  नगरसेवक और विशेष कर महिला नगरसेवीकाओ लिए गए कोर्धित भूमिका देखकर उप आयुक्त रमेश पवार  ने इन कर्मचारीयो को आने वाले ४ से ५ दिनों में तन्खॉह दिए जाने का आश्वासन दिया े. तथा इन  कर्मचारीयो को पालिका सेवामे  नियमित किएजाने मे कुछ तांत्रिक  रुकावट होने के चलते सभी शिक्षण समिती सदस्य प्रयास करे इस तरह का निवेदन  किया . इसपर शिक्षण समिती अध्यक्षा रितु तावडे ने इन कर्मचारीयो को समय पर तन्खॉह दिए जाने के लिए मै ध्यान दुगी यह  आश्वासन समिती सदस्यों को दिया।

फेरीवालों के खिलाफ मनपा का अत्याचार सहा नहीं जाएगा – राव

फेरीवालों के खिलाफ मनपा का अत्याचार सहा नहीं जाएगा – राव
 मांग पूरी न किए जाने पर जून में होगा तीव्र आंदोलन
मुंबई। मुंबई महानगर पालिका प्रशासन फेरीवालों को हर दिन परेशान कर रही है। सुप्रीम कोर्ट के  आदेश के बावजूद   फेरीवालों को न्याय नहीं मिल रहा है। मनपा प्रशासन इसी तरह फेरीवालों को परेशान करती रही तो मुंबई हॉकर्स यूनियन जून महीने  में मुंबई शहर और उपनगरों में तीव्र आंदोलन करेगी। यह बात मुंबई हॉकर्स यूनियन संघटन के अध्यक्ष शंशाक राव ने कही।
   मुंबई मराठी पत्रकार संघ में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में शंशाक राव ने कहा कि मनपा आयुक्त सिताराम कुंटे जिस तरह से फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहें हैं उसे देखकर ऐसा लगता है कि उन्होंने बड़े-बड़े मॉल मालिकों और दुकानदारों से फेरीवालों को हटाने की सुपारी ली है। दी स्ट्रीट वेंडर्स(प्रोटेक्शन ऑफ लाइवलीहूड एंड रेगुलेशन ऑफ़ स्ट्रीट वेंडिग) एक्ट 2014 के तहत जो नियम बनाया चाहिए  था वह न बनाकर मनपा आयुक्त सीताराम कुंटे की अध्यक्षता में बनाई गई समिति ने फेरीवाले भविष्य में किसी भी तरह का  धंधा न कर पाएं इस तरह का कठोर नियम बनाकर सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा है। सीताराम कुंटे द्वारा फेरीवालों को परेशान कर उन्हें पीड़ित करने के लिए बनाएं जा रहे नियम के खिलाफ यूनियन 28 अप्रैल को मुख्यमंत्री और मुंबई सहित महाराष्ट्र के सभी विधायकों और सांसदों सें मुलाकात कर निवेदन देगी।  और इसके माध्यम से यह मांग की जाएगी की मुंबई के सभी फेरीवालों का सर्वेक्षण सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार टाउन वेंडिंग कमिटी द्वारा बनाया जाएनए नियम में फेरीवाले जिस जगह पर वर्षों से धंधा लगाते हैं उसी जगह पर उन्हें आगे भी धंधा करने की सुविधा मिले।
    राव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने फेरीवालों के पक्ष में जो फैसला दिया हैमनपा उसका पालन नहीं कर रही है। उलटे फेरीवालों को परेशान करने का काम किया जा रहा है। दो लाख से अधिक फेरीवालों का अभी तक सर्वेक्षण नहीं हुआ। मनपा प्रशासन का यह अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन अगर हमारी मांगे नहीं मानेगी तो जून के पहले सप्ताह में यूनियन तीव्र आंदोलन करेगी।

Thursday, 23 April 2015

कस्तूरबा अस्पताल में प्रशासन का अंधाधुंद कारोबार

कस्तूरबा अस्पताल में प्रशासनाका अंधाधुंद कारोबार
संवाददाता
मुंबई / मुंबई महानगर पालिका के कस्तूरबा  अस्पताल में अंधा- धुंद  कारोबार शुरु है मरम्मत के काम भ्रष्टाचार हुवा हैे. इस गंभीर विषय में पालिका आयुक्त सिताराम कुंटे हस्तक्षेप कर कारवाई करे यह मांग मनसे के  कर्मचारी संघटन ने किया है.
गौरतलब है कि मुंबई महानगर पालिका के कस्तूरबा अस्पताल के वार्ड क्रमांक १४ पिछले ४ वर्षे से बंद  है. इस वार्डके मरम्मत के लिए २ करोड रुपए से अधिक ज्यादा निधि खर्च किया गया था. इस समय
वार्ड १४ के मरीजो को वार्ड क्रमांक २६ में स्थानतरण किया गया था. करोडो रुपये खर्च करने के बाद भी यह वार्ड बंद  किया गया है. वार्ड मे लगायी गयी सोनोग्राफी मशीन  का उपयोग न किए जाने से बंद अवस्था में है इसके चलते मरीजो को सोनोग्राफी के लिए नजदिक के अस्पतालो या प्रायवेट  जगह जाना पडता है. इस वार्ड मे फिलहाल घुस व चुहो का  उपद्रव बड गया है. अस्पताल के वार्ड के मरम्मत के कार्य में भ्रष्टाचार  होने के कारण शवगृह जगह-जगह टुट फुट गया है. शवगृह के
वातानुकुलित प्लांट ६ महीना पहले नया लगाया गया है . इस प्लांट में शवगृह के पास से होकर जाना पडता है जिससे कर्मचार्यांरियो के जान को खतरा निमार्ण हुवा है . कस्तूरबा अस्पताल में भ्रष्टाचारमें सहभागी न होने वाले दुय्यम अभियंता विशाल मोहिते ने राजीनामा दिला था.इस गंभीर प्रकरण में हस्तक्षेप कर पालिका आयुक्त कारवाई करे इस तरह की मांग मनसे महापालिका कामगार कर्मचारी सेना के दिलीप नाइक ने मनपा आयुक्त के पास किया है

मध्यरेलवे चलाएगा हावडा के लिए १६और सुपरफास्टावातानुकूलित विशेष गाड़ियाँ

मध्यरेलवे चलाएगा हावडा के लिए १६और सुपरफास्टावातानुकूलित विशेष गाड़ियाँ
मुंबई/ स्कुल बंद होने के बाद मुंबई से बाहर गाव जाने के लिए ग्रीष्मकालीन के दौरान अतिरिक्त यात्रियों की भीड को देख्ते हुए रेलवे ने लोकमान्य तिलक टर्मिनस के बीच १६ और साप्ताकहिक वातानुकूलित सुपरफास्टन विशेष गाड़ियाँ चलाने का निर्णय लिया है।जिसका विवरण निम्नाण्नुसार है।
०२८६०सुपरफास्टवातानुकूलित विशेषगाड़ीदिनांक ७.५.२०१५ से २५.६.२०१५ तक (८फेरे) प्रत्ये।क गुरुवार को डावड़ा से १८३० बजे प्रस्थान कर अगले दिन २३४५ बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी।
०२८५९सुपरफास्ट वातानुकूलित विशेष गाड़ीदिनांक ९.५.२०१५ से २७.६.२०१५ तक (८ फेरे) प्रत्ये्क शनिवार को लोकमान्य तिलक टर्मिनस से १३२० बजे प्रस्थान कर अगले दिन १८१५ बजे डावड़ा पहुंचेगी।
ठहराव :- टाटानगर, राउरकेला, बिलासपुर, रायपुर, नागपुर एवं भुसावल।

संरचना:- तीन वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी, आठवातानुकूलित तृतीय श्रेणी,एक वातानुकूलित भोजनयान।
आरक्षण : गाड़ी क्रमांक ०२८५९का आरक्षण दिनांक २५.४.२०१५ से आरंभ होगा। यह समाचार मध्य- रेल के जनसपंर्क विभाग ने हिंदमाता मिरर के माध्यम से नागरिको को दिया है

‘ई’ विभागातील सिद्धार्थ नगर येथील इमारत धोकादायक सुरक्षित स्थळी स्थलांतरित होण्याचे पालिका प्रशासनाचे रहिवाश्यांना आवाहन

विभागातील सिद्धार्थ नगर येथील इमारत धोकादायक
सुरक्षित स्थळी स्थलांतरित होण्याचे पालिका प्रशासनाचे रहिवाश्यांना आवाहन
     विभागातील सिद्धार्थ नगर येथील AA1, BB1, C,D,E,F या इमारती संरचना परिक्षकांच्या अहवालानुसार धोकादायक म्हणून सुचविल्यानुसार इमारतींना टेकू देऊन स्थिर ठेवणे आवश्यक आहे. परंतु, सदर इमारतीतील रहिवाशी कंत्राटदाराला टेकू लावण्यासाठी प्रतिबंध करीत आहेत. कंत्राटदारांना टेकू लावण्याच्या कामाचे कंत्राट हे दिनांक ३१ मार्च, २०१५ पर्यंत होते. सदर इमारत ही धोकादायक असल्याने स्थानिक रहिवाश्यांनी स्वतःहून सुरक्षितस्थळी स्थलांतर करावे, असे महापालिका प्रशासनाद्वारे आवाहन करण्यात येत आहे.
     स्थलांतर न करता तेथेच राहणाऱया रहिवाश्यांनी स्वतःच्या जबाबदारीवर रहावे, नैसर्गिक आपत्तीने कोणत्याही प्रकारची दुर्घटना घडल्यास व जीवित अथवा वित्तहानी झाल्यास बृहन्मुंबई महापालिका प्रशासन त्यास जबाबदार राहणार नाही, असेही पालिका प्रशासनाने कळविले आहे.