Monday, 15 June 2015
Friday, 12 June 2015
पानीपूर्ति को लेकर नागरीको को परेशान होने की जरुरत नहीं
पानीपूर्ति को लेकर नागरीको को परेशान होने की जरुरत नहीं
संवाददाता
मुंबई । मुंबई को पानीपूर्ति करने वाले तालाबों में पिछले साल की तुलना में अधिक पानी जमा है इसलिए मुंबई के नागरीको को चिंता करने की जरुरत नहीं है । लेकीन एक महीना बरसात न होने पर मुंबई के नागरीको को पानी कटौती का सामना करना पड़ सकता है । यह जानकारी मनपा अतिरिक्त आयुक्त श्रीनिवास ने स्थायी समिति की बैठक में दी है ।
गौरतलब है कि मुंबई महानगर को तानसा , मोडक, तुलसी, विहार, भातसा, अपर वैतरणा व मध्य वैतरणा इन सात झीलो से पानी की आपूर्ति की जाती है । इन सात झीलों द्वारा रोज लगभग ३७५० एमएलडी पानी की आपूर्ति की जाती है । पानीपूर्ति करने वाले झीलों में ५३ दिन का पानी शेष बचा है । वर्तमान में इन झीलो में कुल २ लाख १ हजार १०६ एमएलडी पानी शेष बचा है । जबकि पिछले साल इस कालावधि में लगभग १ लाख ९७ हजार ८४ एमएलडी पानी शेष बचा था । इससे पता चलता है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष पानी अधिक जमा है । प्राप्त संख्या के अनुसार मोडक सागर में ५३१७७ एमएलडी पानी जमा है साथ ही तानसा में ११७७० एमएलडी , विहार तालाब में ५८७ एमएलडी , तुलसी तालाब में २०४३ एमएलडी , भातसा में ३०९४४ एमएलडी व मध्य वैतरणा में १०२५८५ एमएलडी पानी जमा है । बता दें की कल स्थायी समिति की बैठक में भाजपा गटनेता मनोज कोटक ने इस वर्ष कम बरसात होने पर मनपा द्वारा क्या तैयारी की गई है इसका खुलासा किये जाने की मांग की । जिसपर मनपा के अतिरिक्त आयुक्त श्रीनिवास ने कहा कि इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में अधिक पानी जमा है । मुंबई के नागरीको को पानी को लेकर परेशान होने की जरुरत नहीं है । यदि एक महीना बरसात नहीं होगी तो इस संदर्भ में एक बैठक ली जायेगी । ३० जून तक पानी की स्थिति का सर्वेक्षण कर पानी कटौती व कृत्रिम बारिश करने के पर्याय पर विचार किये जाने का स्पष्ट किया है ।
संवाददाता
मुंबई । मुंबई को पानीपूर्ति करने वाले तालाबों में पिछले साल की तुलना में अधिक पानी जमा है इसलिए मुंबई के नागरीको को चिंता करने की जरुरत नहीं है । लेकीन एक महीना बरसात न होने पर मुंबई के नागरीको को पानी कटौती का सामना करना पड़ सकता है । यह जानकारी मनपा अतिरिक्त आयुक्त श्रीनिवास ने स्थायी समिति की बैठक में दी है ।
गौरतलब है कि मुंबई महानगर को तानसा , मोडक, तुलसी, विहार, भातसा, अपर वैतरणा व मध्य वैतरणा इन सात झीलो से पानी की आपूर्ति की जाती है । इन सात झीलों द्वारा रोज लगभग ३७५० एमएलडी पानी की आपूर्ति की जाती है । पानीपूर्ति करने वाले झीलों में ५३ दिन का पानी शेष बचा है । वर्तमान में इन झीलो में कुल २ लाख १ हजार १०६ एमएलडी पानी शेष बचा है । जबकि पिछले साल इस कालावधि में लगभग १ लाख ९७ हजार ८४ एमएलडी पानी शेष बचा था । इससे पता चलता है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष पानी अधिक जमा है । प्राप्त संख्या के अनुसार मोडक सागर में ५३१७७ एमएलडी पानी जमा है साथ ही तानसा में ११७७० एमएलडी , विहार तालाब में ५८७ एमएलडी , तुलसी तालाब में २०४३ एमएलडी , भातसा में ३०९४४ एमएलडी व मध्य वैतरणा में १०२५८५ एमएलडी पानी जमा है । बता दें की कल स्थायी समिति की बैठक में भाजपा गटनेता मनोज कोटक ने इस वर्ष कम बरसात होने पर मनपा द्वारा क्या तैयारी की गई है इसका खुलासा किये जाने की मांग की । जिसपर मनपा के अतिरिक्त आयुक्त श्रीनिवास ने कहा कि इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में अधिक पानी जमा है । मुंबई के नागरीको को पानी को लेकर परेशान होने की जरुरत नहीं है । यदि एक महीना बरसात नहीं होगी तो इस संदर्भ में एक बैठक ली जायेगी । ३० जून तक पानी की स्थिति का सर्वेक्षण कर पानी कटौती व कृत्रिम बारिश करने के पर्याय पर विचार किये जाने का स्पष्ट किया है ।
सभी मजदुर संघटनों द्वारा कामगार आयुक्त कार्यालय पर मोर्चा निकाला
सभी मजदुर संघटनों द्वारा कामगार आयुक्त कार्यालय पर मोर्चा निकाला
मोहम्मद मुकीम शेख
मुंबई/ अंतराष्ट्रीय कामगार संघटन ( आय.एल.ओ.) के प्रस्ताव को लागु करवाले. लेबर रिफॉर्मस का विरोध व मजदुरो के दस सुत्रीय मांग मान्य करवाने के लिए जॉईन्ट एॅक्सन फोरम ( आय.एल.ओ.) द्वारा कामगार आयुक्त कार्यालय पर मोर्चा निकाला गया. गौरतलब है की आय.एल.ओ.कनव्हेशन सी-८७ कामगार सघंटन स्थापित करने अधिकार, कनव्हेशन सी-९८ सामुदायीक सौदेबाजी का अधिकार, कनव्हेशन सी १८९ घरेलु मजदुरो को मजदुर का दर्जा दिए जाने का अधिकार प्रस्ताव अंतराष्ट्रीय कामगार संघटन ने पारीत किया है. लेकिन भारत सरकार व महाराष्ट्र शासन आज तक अमल में नही लाया है महाराष्ट्र सरकारने काराखाना नियम में बदलाव किया है उसका मजदुर संघटन के तरफ से विरोध किया गया है कमसे कम वेतन १५०००, कम से कम पेन्शन ३०००, मिलना चाहिए एफ.डी आई का विरोध, सरकारी उधोग का रिक्त पद भरे जाने सहित अनेक मांगो को लेकर सभी मजदुरो के संघटनों द्वारा मोर्चा का आयोजन किया गया.
बता दे की कामगार आयुक्त कार्यालय के सामने किए गए आम सभा में सी आय टी यु के डॉ.विवेक मॉन्टेरो, आयटके महासचिव कॉ.सुकुमार दामले, हिंद मजदुर सभा के महासचिव सुर्यकांत बागल, इंटक के अध्यक्ष जयप्रकाश छाजेड, आय.सी.सी.टी.यु. के विजय कुलकर्णी, आय.एल.ओ के प्रोजेक्ट मैनेजर राजेंद्र गिरी, ने सभा को सम्बोधित किया, कार्यक्रम का सफल संचालन अनिल ढुमके व आभार प्रदशन अनिल गणाचार्य ने किया. मोर्चा में भारतीय मजदुर संध, इटक, आयटक, सिटू, एच.एम.एस., अे आय सी सी टी यू के सदस्य, कार्यकर्ता, पदाधिकारी के साथ लगभग २००० कामगार मोर्चा में उपस्थित थे.जिसमे वरिष्ट कामगार नेता विजय कांबले, राष्ट्रीय मिल मजदुर संध के अ़ण्णा शिर्सेकर, निवृत्ती देसाई, हिंद मजदुर पंचायत के शंकर शालवी, भारतीय मजदुर संध के मुंबई अध्यक्ष अण्णा देसाई, महाराष्ट्र महिला इंटक की अध्यक्षा भागश्री भुरके, मोलकरीण घरेलु कामगार सभा की महासचिव विधा गडाक, राष्ट्रीय मजदुर काँग्रेस युवा इंटक के मुंबई अध्यक्ष सुरेश गुप्ता, कार्याध्यक्ष रवि तिवारी, उपाध्यक्ष इरफान एम शेख इत्यादी नेतागण उपस्थित थे कामगार आयुक्त श्री जावले को निवेदन दिया गया. असंघटीत कामगारो के लिए घोषणा जल्द ही किया जाएगा, बांघकाम मजदुरो का पंजीकरण, काम के स्थानो पर निजी संस्था द्वारा किया जाएगा, संघटना पंजीकरण ३० दिनों के भितर किया जाएगा, लेबर रिफॉमर्स के विषय में संघटनो ने सूचना पेश किए जाने का आश्वासन कामगार आयुक्त ने दिया.
Wednesday, 3 June 2015
आरोग्य समिती समिती अध्यक्ष को फिल्म सिटी की चिंता
आरोग्य समिती समिती अध्यक्ष को फिल्म सिटी की चिंता
संवाददाता
मुंबई/ बरसात के समय मानसुनी बिमारी पैâलती है.फिल्म सीटी के भितर डेग्यू, मलेरीया की संख्या अधिक होती है. २४ घंटा इस जगह कर्मचारीयों द्वारा काम करने के चलते पहले चपेट में आजाते है. पिछले वर्ष एक कर्मचारी की मृत्यू हुयी.इसलिए इस जगह पहले सवास्थ चेकअप करे, इस तरह का आदेश सार्वजनिक आरोग्य समिती अध्यक्षा सुनिता यादव ने दिया. मानसुनपूर्व आज पालिका मुख्यालय समिक्षा बैठक लिया. मुंबईकरो से अधिक चिंता अध्यक्षा को फिल्म सिटी की अधिक चिंता सता रही है।
गौरतलब है की प्रत्येक वर्ष बरसात के समय मानसुनी बिमारी से मुंबईकर परेशान होते है. इसलिए बरसात के पहले जोरदार तैय्यारी की शुरुआत मनपा किया है.रास्ते, नालियो सहित सवास्थ के बारे में समीक्षा बैठके सुरू है. बुखार, केवल, डेंग्यू, मलेरिया सहित अन्य प्रकार की मानसुनी बिमारीया पैâलती है. इसका समय पर रोकथाम करने के लिए महानगर पालिका आरोग्य विभागने कंबर कसली है. इसके लिए लालपावडर, किट्स, दवाईया वितरण किया जाने वाला है. २४ वार्ड में बरसात के समय शिवीर लगया जाएगा. नगरसेवको के माध्यम से शिवीर सुरु किया जाएगा. मात्र, इसबारे में उनकी अनुमती लिया जा रहा है. तथा नालीयों में पानी जमा होने के कारण किडे पैदा होते है. इन किडोपर फौववारे से दवाई का छिडकाव किया जाने वाला है. इस बिच, फिल्म सिटी में शुटीग करने के लिए स्टेज लगाने के लिए कर्मचारी २४ घंटा कार्यरत रहते है. पिछले वर्ष एक कर्मचारी कि मृत्यू हुयी. इसलिए इस स्थान के कर्मचारीयों जल्द आरोग्य चेकअप करे, यह आदेश दिया.उनके इस आदेश के चलते मुंबईकरो को जानबुझ कर नजरअंदाज किया गया है. बरसात में मानसुनी बिमारी के कारण मनपा के सभी अस्पताल व दवाखाना भरा रहता है. इसके बावजुद समिती अध्यक्ष को सिर्फ फिल्म सिटी में काम करने वाले कर्मचारीयो कि अधिक चिंता है. अध्यक्ष के इस वक्तय के कारण मुंबईकर नाराजी व्यक्त कर रहे है.
नाले की सफाई के नाम पर शिवससेना- भाजपा ने की हाथ की सफाई-निरुपम
नाले की सफाई के नाम पर शिवससेना- भाजपा ने की हाथ की सफाई-निरुपम
मोहम्मद मुकीम शेख
मुंबई/ मुंबई काँग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम ने सोमवार को मनपा विरोधी दल के नेता देवेंद्र आंबेरकर और पत्रकारो के साथ मुंबई के उपनगर के नालो की सफाई देखने के लिए निरिक्षण करने पर पाया गया की नाले की सफाई सिर्फ नाम मात्र किया गया जिस पर संजय निरुपम नें कहा सत्ताधारीयो और मनपा प्रशासन की नाले की सफाई को लेकर जो दावा किया जा रहा था उसकी पोल खुल गयी है और शिवसेना-भाजपा नाले की नही हाथ की सफाई कर रही है।
गौरतलब है की मानसुन पूर्व महानगर पालिका करोडो रुपए खर्च कर नालो की सफाई ठेकेदारो से करवाती है जहा सत्ता व प्रशासन नाले की सफाई को लेकर बडे बडे दावे कर रहा है की ९५ प्रतिशत नालो की सफाई हो चुकी है वही निरुपम ने विरोधी दल नेता और पत्रकारो के साथ दौरा कर निरिक्षण करने पर पाया की नाला भरा हुवा है और नाम और दिखावे के लिए नालो की सफाई की गयी है जिस पर संजय निरुपम ने कहा की बरसात में मुंबई के नागरिको को भगवान बचाए क्योकी मुंबई के नालो की २५ से ३० प्रतिशत ही सफाई हुयी है और शिवसेना भाजपा नाला की नही हाथ की सफाई कर रहे है ३१ मई को सफाई करने की तय तिथी समाप्त होने के बावजुद नालो की सफाई न होने के कारण बाढ कि स्थिती हो सकती है। नालो का निरिक्षण की शुरुआत ओशिवरा स्थित ओशिवरा नदी का निरिक्षण करने पर नदी के अंदर पुरा कचरा पानी पर तैर रहा था इस विषय पर पुछने पर प्रशासन के अधिकारियों ने उक्त नदी का किचड निकाले जाने का फोटो दिखाया लेकीन नदी को देखने पर परिस्थिती २० प्रतिशत भी किचड नही निकाला गया यह दिखाई पडा उसके बाद पी/उत्तर विभागके वलणई नाले को देखने पर भयानक परिस्थिती दिखाई पडी वहा विरोधी दल के दौरे की भनक लगले पर एक जेसीबी मशीन नाले के भितर किचड निकालने का काम कर रहा था यही स्थिती आर/दक्षिण के पोयसर नदी में दिखाई दिया उसके बाद पोयसर नदी बी ब्रॅच (लालजी पाडा) नाले कि स्थिती बहुत ही खराब दिखाई पडा यहा १० प्रतिशत भी किचड नही निकाला गया उसके बाद बेहराम बाग के इंडियन ऑईल नाला, मोगरा नाला, रसराज नाला ईर्ला नाला, इन नालो का निरीक्षण किया गया इन सभी नालो में से निकाले गए किचड और कचरा नाले के किनारे रखा गया है. प्रशासन द्वारा ९५ प्रतिशत नाले सफाई का दावा किया जा रहा है लेकीन यह काम २५ से ३० प्रतिशत भी नही हुवा यह दिखाई पड रहा है प्रशासन का दावा एकदम गलत साबीत हुवा है यह विरोधी दल नेता देवेंद्र आंबेरकर ने कहा आंबेरकर ने फिर बताया की नालो की स्थिती बेहद खराब दिखाई पडी है आने वाले बरसात में १०० प्रतिशत बाढ कि स्थिती निर्माण होगी. महापौर, स्थायी, समिती अध्यक्ष ने शिवसेना पाट्री प्रमुख उध्दव ठाकरे के साथ दौरा कर काम समानधार है यह बताया वही भाजपा के नेताओ ने असमानधारक बताया सेना भाजपा का मतभेद मुंबईकरो के जिंदगी पर बन आयी है दोनो ही दल मुंबईकरो को गुमराह कर रही है दोनो ही दल मिलकर मलाई खा रही है हजारो करोड रुपए खर्च करने के बावजुद मुंबईकरो का जिवन पर असर पडता है और बरसात में पानी उनके घरो में घुसता है आखिर में महानगर पालिका द्वारा खर्च किए गए करोडो रुपये नाले में बह जाता है। उक्त नाले निरिक्षण के अवसर संजय निरुपम, देवेंद्र आंबेरकर के साथ भारी संख्या में पत्रकार व नगरसेविका डॉ.अजंता यादव और मनपा के अधिकारी उपस्थित थे।
माजी मंत्री श्री शंकर नम यांचा काँग्रेसमध्ये प्रवेश
माजी मंत्री श्री शंकर नम यांचा काँग्रेसमध्ये प्रवेश
मुंबई, दि. 3 जून 2015:
शिवसेना नेते व माजी मंत्री श्री शंकर नम यांनी आज आपल्या समर्थकांसह काँग्रेस पक्षात प्रवेश केला.
येथील गांधी भवनस्थित प्रदेश काँग्रेस कार्यालयात झालेल्या पक्षप्रवेश कार्यक्रमाला महाराष्ट्र प्रदेश काँग्रेस कमिटीचे अध्यक्ष खा.श्री अशोक चव्हाण, माजी मंत्री श्री रवीसेठ पाटील, माजी मंत्री श्री राजेंद्र गावीत, पालघर जिल्हा काँग्रेस कमिटीचे प्रभारी अध्यक्ष श्री मनिष गणोरे आदी उपस्थित होते. श्री शंकर नम 1985 ते 1998 दरम्यान आमदार होते. 1991 ते 1993 पर्यंत ते राज्यमंत्री व ठाणे जिल्ह्याचे पालकमंत्री होते. 1998 च्या लोकसभा निवडणुकीत ते खासदार म्हणून निवडून आले होते. श्री नम यांच्यासमवेत श्री राजकुमार पाटील, श्री कमलाकर गिंभळ, श्री यतीन नम, श्री गितेश पाचळकर, श्री योगेश नम यांनीही काँग्रेस पक्षात प्रवेश केला.
एलबीटीचा भूर्दंड ग्रामीण जनतेवर का? काँग्रेस प्रदेशाध्यक्ष खा.श्री अशोक चव्हाण यांची सरकारला विचारणा
एलबीटीचा भूर्दंड ग्रामीण जनतेवर का?
काँग्रेस प्रदेशाध्यक्ष खा.श्री अशोक चव्हाण यांची सरकारला विचारणा
मुंबई, दि. 3 जून 2015:
येत्या 1 ऑगस्ट पासून एलबीटी रद्द करून त्यामुळे महानगर पालिकांचे होणारे नुकसान भरून काढण्यासाठी संपूर्ण महाराष्ट्रात व्हॅटवर अधिभार लावण्याचा निर्णय राज्य सरकारने घेतल्याचे वृत्त प्रसिद्धी माध्यमांमध्ये प्रकाशित झाले आहे. यासंदर्भात राज्य सरकारने तातडीने भूमिका स्पष्ट करावी, अशी मागणी महाराष्ट्र प्रदेश काँग्रेस कमिटीचे अध्यक्ष खा.श्री अशोक चव्हाण यांनी केली आहे. हे वृत्त खरे असेल तर शहरी भागांसाठी ग्रामीण जनतेने भूर्दंड का सोसावा, अशीही विचारणा त्यांनी राज्य सरकारला केली आहे.
येथील गांधी भवनस्थित प्रदेश काँग्रेस कार्यालयात पत्रकारांशी संवाद साधताना खा.श्री चव्हाण यांनी एलबीटी, धनगर आरक्षण, शेतक-यांची कर्जमाफी, चेन्नई आयआयटी व्यवस्थापनाने दलित विद्यार्थी संघटनेवर घातलेली बंदी आदी विषयांवर मते मांडली. ते म्हणाले की, विधानसभा निवडणुकीच्या प्रचारात भाजपने सत्ता आल्यास मंत्रिमंडळाच्या पहिल्या बैठकीत एलबीटी रद्द करण्याचे आश्वासन दिले होते. परंतु, भाजपने ते आश्वासन अद्याप पूर्ण केलेले नाही. मीडियामध्ये प्रकाशित झालेल्या बातम्यानुसार येत्या 1 ऑगस्ट पासून एलबीटी रद्द होणार आहे. यामुळे होणारी महसुली तूट भरून काढण्यासाठी संपूर्ण महाराष्ट्रात व्हॅटवर अधिभार लावला जाणार असल्याचेही माध्यमांनी म्हटले आहे. या संदर्भात राज्य सरकारने जनतेला अंधारात ठेऊ नये. भाजपच्या नेतृत्वाखालील राज्य सरकार मनपांच्या नुकसान भरपाईसाठी ग्रामीण जनतेच्या खिशाला कात्री लावण्याचा निर्णय घेणार असेल तर काँग्रेस ते कदापीही सहन करणार नाही. या निर्णयाला काँग्रेस पक्षाकडून तीव्र विरोध केला जाईल.
चेन्नई आयआयटीच्या व्यवस्थापनाने आंबेडकर पेरियार स्टडी सर्कल नामक विद्यार्थी संघटनेवर घातलेल्या बंदीचाही काँग्रेस प्रदेशाध्यक्षांनी कठोर शब्दांत निषेध नोंदवला. ही कारवाई म्हणजे घटनेने दिलेल्या विचार व अभिव्यक्ती स्वातंत्र्यावर गदा असल्याचे ते म्हणाले. एका निनावी पत्राच्या आधारे झालेली ही कारवाई संघाचा जातीय अजेंडा लागू करण्याचा प्रयत्न असावा, अशी शंका प्रकर्षाने जाणवते. ही घटना लोकशाहीवरील एक आघात आहे. या देशात हुकूमशाही नव्हे तर लोकशाही आहे आणि लोकशाहीत या प्रकारचा निर्णय स्वीकारार्ह असू शकत नाही, असे सांगून चेन्नई आयआयटीने तातडीने हा निर्णय मागे घ्यावा, अशी मागणीही खा.श्री अशोक चव्हाण यांनी केली. मुलभूत अधिकारांवर गदा आणणारी अशी घटना महाराष्ट्रातही घडण्याची शक्यता नाकारता येत नाही. त्यामुळे प्रदेश काँग्रेसने राज्यातील सर्व जिल्हा काँग्रेस कमिटींना अशा घटनांसंदर्भात सतर्क राहण्याचे निर्देश दिले आहेत, अशी माहिती त्यांनी दिली.
धनगर आरक्षणाबाबत राज्य सरकारने आपली भूमिका स्पष्ट करावी, अशीही मागणी काँग्रेस प्रदेशाध्यक्षांनी केली. विधानसभा निवडणुकीच्या प्रचारात भाजपने धनगर आरक्षण देण्याची घोषणा केली होती. आता मात्र त्यांच्या सरकारमधील मंत्री धनगरांना आरक्षण देणे शक्य नसल्याची विधाने करीत आहेत. त्यामुळे सरकारचे प्रमुख म्हणून मुख्यमंत्र्यांनी स्वत: यासंदर्भात स्पष्टीकरण केले पाहिजे. धनगर आरक्षण लागू करणार की नाही, ते भाजप सरकारने जाहीर करावे, असे ते पुढे म्हणाले.
शेतक-यांच्या समस्या आणि दुष्काळाप्रती राज्य सरकार गंभीर नसल्याचा आरोप खा.श्री अशोक चव्हाण यांनी केला. अवकाळी पाऊस व गारपीटग्रस्तांना 200 कोटी रूपये देण्यासंदर्भात राज्य सरकारने घेतलेल्या निर्णयावर बोलताना ते म्हणाले की, 100-200 कोटी रूपये मदत देऊन किंवा कर्जांचे पुनर्गठन करून शेतक-यांचे प्रश्न सुटणार नाहीत. शेतक-यांना संपूर्ण कर्जमाफी देण्याची गरज आहे. राष्ट्रवादी काँग्रेसने केवळ पाच जिल्ह्यांसाठी केलेली कर्जमाफीची मागणी संपूर्ण महाराष्ट्राला न्याय देणारी नाही. 50 टक्क्यांपेक्षा कमी आणेवारी असलेल्या प्रत्येक गावाला कर्जमाफी देण्याची गरज आहे. येत्या खरीप हंगामासाठी शेतक-यांकडे पैसाच शिल्लक नाही. त्यामुळे संपूर्ण कर्जमाफीसह त्यांना नि:शुल्क बी-बियाणे व खते देण्याचा उदारपणा राज्य सरकारने दाखवावा, असे आवाहन त्यांनी केले.
महागाईबाबत एका प्रश्नाला उत्तर देताना ते म्हणाले की, भाजप सरकारचे खायचे आणि दाखवायचे दात वेगवेगळे आहेत. महागाई कमी झाल्याचा दावा सरकार करते आहे पण् प्रत्यक्षात बाजारात प्रत्येक वस्तू महागली आहे. अन्य एका प्रश्नावर ते म्हणाले की, पंतप्रधान श्री नरेंद्र मोदी एकिकडे अल्पसंख्यकांच्या सोबत असल्याच्या घोषणा करतात आणि दुसरीकडे दलित विद्यार्थी संघटनेवर बंदी घातली जाते. या वर्तणुकीला केवळ विसंगतीच म्हटले जाऊ शकते.
पत्रकार परिषदेला प्रदेश प्रवक्ते आ.श्री भाई जगताप, प्रदेश सरचिटणीस आ.श्री अमर राजूरकर, श्री यशवंत हाप्पे, श्री राजन भोसले, श्री भा.ई. नगराळे, प्रदेश प्रवक्ते श्री सचिन सावंत आदी उपस्थित होते.
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