Wednesday, 21 September 2016
जस्टलाईकन्यू ने हासिल किया 5 लाख डॉलर का निवेश
Friday, 16 September 2016
धार्मिक पर्व मनाने के लिए मंडप के लिए अधिक शुल्क नही - पालिका
धार्मिक पर्व मनाने के लिए मंडप के लिए अधिक शुल्क नही - पालिका
मोहम्मद मुकीम शेख
मुंबई महानगरपालिका ने पर्व उत्सव मनाने के लिए अस्थाई मंडप बनाये जाने के शुल्क में बढ़ोत्तरी किया है. इस परिपत्र के चलते किसी भी धर्म का धार्मिक पर्व मनाने के लिए किसी इव्हेंट आयोजित किये जाने के वसूला जाने वाला है. इसलिए इस परिपत्रक में से धार्मिक पर्व को निकाले , धार्मिक पर्व को इव्हेंट की तरह शुल्क वसूल न करे इस तरह की प्रस्ताव की सूचना समजावादी पार्टी के नगरसेवक अशरफ आझमी ने सभागृह में उठाया है. गौरतलब है कि धार्मिक पर्व में अधिक शुल्क वसूल न किया जाये यह नियम भी पालिका सभागृह में किया जाये यह मांग आझमी ने किया है. दरम्यान इसपर दखल लेकर पालिका आयुक्त अजोय मेहता ने पालिका परिपत्रक में बदलाव किया है जिसमे धार्मिक व सामजिक कार्यक्रम को पहले की तरह ही शुल्क वसूले यह परिपत्रक निकाला है. मुंबई महानगरपालिका में पिछले 25 से 27 वर्षो से शिवसेना और भाजपा की सत्ता है. कुछ दिनों पहले पालिका प्रशासन ने एक परिपत्रक निकाला है. इस पत्र के अनुसार 500 चौरस फुट के मंडप के लिए एक दिन के लिए 11 हजार व सात दिन के लिए 23 हजार रुपये, 1000 चौरस फूट तक के मंडप को एक दिन के लिए 15 हजार 500 व 7 दिनो के लिए 39 हजार 500 रुपये, 1000 चौरस फूट से अधिक मंडप के लिए एक दिन के लिए 27 हजार व 7 दिनो के लिए 51 हजार रुपये वसूल किया जाने वाला है. इतना ही नही शादी समारोह के लिए 1000 चौरस फूट तक के मंडप को 8 हजार 500 व उससे बड़े मंडप को 12 हजार 150 रुपये, सगाई समारोह जैसे कार्यक्रम के लिये 1000 चौरस फूट तक की मंडप का 5 हजार 900 और उससे अधिक मंडप के लिए 8 हजार 100 रुपये शुल्क के नामपर वसूला जाये यह परिपत्रक में कहा गया है . इस तरह के परिपत्रक के कारण मुंबईकर नागरिको को अपना धार्मिक पर्व मनान अधिक खर्चीला होने वाला है . सत्ताधारी शिवसेना की सभागृह नेता तृष्णा विश्वासराव ने हिंदू धर्मियो गणेशोत्सव में बनाये जाने वाले मंडपो को इससे छूट दिया जाये यह मांग किया था. जिसपर आयुक्त ने गणेशोत्सव् मंडपो से यह शुल्क न वसूला जाये यह आदेश दिया था. लेकिन शिवसेना और प्रशासने अन्य धर्म वालो का विचार न करने से सभी धर्मों के सभी धार्मिक पर्व के लिए बनाये जाने वाले मंडपो को इस परिपत्रक से छूट दिया जाये इस तरह की मांग सूट अशरफ आझमी ने किया है. आझमी की मांग पर दखल लेकर आयुक्त ने नए दर की शुल्क वसूलने वाले परिपत्र में बदलाव किया है.
स्वाधीन क्षत्रिय ने बेस्ट का आवास का किराया और बिजली बिल की रकम अदा कीया
स्वाधीन क्षत्रिय ने बेस्ट का आवास का किराया और बिजली बिल की रकम अदा कीया
रत्नाकर गायकवाड ने किराया और बिजली बिल नहीं अदा किया था
संवाददाता
महाराष्ट्र राज्य के मुख्य सचिव स्वाधीन क्षत्रिय ने अपनी इमानदारी का परिचय देते हुए बेस्ट के महाप्रबंधक के लिए आरक्षित निवास का किराया और बिजली का बिल की लाखों रुपए की रकम अदा की हैं। मुख्य सचिव के तौर पर बेस्ट के निवास का इस्तेमाल करते हुए किराया और बिजली बिल की कुल रकम 5 लाख 62 हजार 780 रुपए और 56 पैसे अदा करने की जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को बेस्ट प्रशासन ने दी हैं। आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने बेस्ट प्रशासन से बेस्ट के महाव्यवस्थापक न होते हुए भी स्वाधीन क्षत्रिय ने बेस्ट महाप्रबंधक के लिए आरक्षित निवास के इस्तेमाल को लेकर जानकारी मांगी थी। बेस्ट प्रशासन के जन सूचना अधिकारी और मुख्य अभियंता ( स्थापत्य) ने अनिल गलगली को बताया कि महाराष्ट्र सरकार के आदेश से स्वाधीन क्षत्रिय को दिनांक 27 जून 2006 से 9 मई 2010 और 31 जनवरी 2011 से 31 मार्च 2015 इस दौरान निवासस्थान दिया गया था। स्वाधीन क्षत्रिय ने बतौर बिजली बिल 3 लाख 95 हजार 58 रुपए और 56 पैसे अदा किए और किराया के तौर पर 1 लाख 68 हजार 722 रुपए अदा किए हैं। बेस्ट महाप्रबंधक के लिए आरक्षित निवास का कुल एरिया 530 वर्ग मीटर हैं। इलेक्ट्रिक हाऊस के ही नल कनेक्शन से बेस्ट महाप्रबंधक के लिए आरक्षित निवास को जलापूर्ति होने से उसका कोई बिल नहीं हैं। मुख्य सचिव के तौर पर सेवा दे चुके रत्नाकर गायकवाड ने एमएमआरडीए निवास का बिजली और पानी का बिल अदा करने से इंकार किया था इसके विपरित स्वाधीन क्षत्रिय ने पद का दुरुप्रयोग किए बिना ही जो रकम थी उसे बिना कोई बखेड़ा खड़ा किए अदा की हैं। गायकवाड के लिए तो महाराष्ट्र सरकार को मुख्य सचिव को मंत्री और राज्यमंत्री के तर्ज पर निवासस्थान में मुफ्त पानी, बिजली की सुविधा के अलावा किराया न लेने का फैसला लेना पड़ा था।
बेस्ट की बिजली चोरी की घटना नही रुक रही है
बेस्ट की बिजली चोरी की घटना नही रुक रही है
संवाददाता
मुंबई शहर में बेस्ट की बिजली चोरी की घटना नही रुक रही है । यह आरोप बेस्ट सदस्य सुहांस सांवत ने लगाया है। खुले आम मीटर बॉक्स में हो रही हेराफेरी की मामले को देखते हुए। शुक्रवार को बेस्ट कमिटी की बैठक में सदस्यों ने बेस्ट प्रशासन को बताया कि लगभग 6 हजार बिजली मीटर (बॉक्स) ऐसे है कि जिसकी जीरो रिडिंग आती हैं। सदस्यों ने मीटर बॉक्स पर हेराफेरी करने वाले चोरी पर कार्रवाई करने की मांग की है। अधिकारियों की मिली भगत: प्राफ्त जानकारी के अनुसार कुलाबा से धारावी और माहिम तक बेस्ट के लगभग 6 हजार बिजली मीटर बॉक्स ऐसे है, जहां पर मीटर रिडिंग जीरो दिखाता है। यह आरोप सदस्यों ने प्रशासन पर लगाया है। सदस्यों ने कहा कि मीटर रिडिंग जीरो दिखाने से यह साबित होता है कि हमारे अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को लेकर कितने सजग है। सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि जीरों रिडिग मीटर बॉक्स अधिकांश होटल और कामर्शियल क्षेत्रों में है और यह कार्य बेस्ट के अधिकारियों की मिली भगत से हो रहा है। जिसके कारण उनका जीरों मीटर रिडिंग दिखाता है और महीने को बिजली बिल तय है कि दो हजार देना है या फिर पांच हजार? बेस्ट जनरल मैनेजर जगदीश पाटील ने कहा कि अगर ऐसी कुछ जानकारी है तो मुझे लिस्ट दीजिए या फिर बताईए कहा पर ऐसा है, हम पर कार्रवाही करेंगे।
Thursday, 15 September 2016
भारत गैस के ग्राहकों के लिए पेटीएम की नगदविहीन भुगतान सुविधा
भारत गैस के ग्राहकों के लिए पेटीएम की नगदविहीन भुगतान सुविधा
~ पेटीएम की भारत गैस के साथ साझेदारी; चार करोड़ से अधिक घरों को होगा लाभ ~
मुंबई, 15 सितंबर 2016: भारत के विशालतम मोबाइल पेमेंट एवं कॉमर्स प्लेटफॉर्म पेटीएम ने भारत गैस के साथ साझेदारी कर समूचे देश में उसके ग्राहकों को पेमेंट-ऑन-डिलीवरी की सुविधा की पेशकश की है। आगामी माहों में समूचे भारत में भारत गैस का इस्तेमाल करने वाले चार करोड़ से अधिक घर अपने पेटीएम वालेट से नगदविहीन भुगतान का विकल्प प्राप्त कर सकेंगे। गैस की डिलीवरी हो जाने पर ग्राहक अपने पेटीएम क्यूआर कोड का इस्तेमाल कर डिलीवरी बॉय को भुगतान कर सकेंगे। यह सरल और त्वरित भुगतान पद्धति ग्राहकों के भुगतान को तीव्रतर एवं सुविधाजनक बनाने के साथ ही साथ प्रत्येक डिलीवरी में समय की बचत भी करेगी। भारत गैस के 400 से अधिक डीलर्स वर्तमान समय में पेटीएम के साथ पेमेंट-ऑन-डिलीवरी की अनुमति प्रदान करेंगे। इससे उन हजारों डिलीवरी बॉयज को राहत मिलेगी, जिन्हें रोज-रोज काफी नगद को हैंडल करने का झंझट उठाना पड़ता था। किरण वासीरेडडी, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, पेटीएमने कहा कि, ''हम भारत को एक नगदविहीन अर्थव्यवस्था बनाने के मिशन पर कार्य कर रहे हैं और डिजिटाइजिंग यूटिलिटी बिल भुगतान हमें इस लक्ष्य को हासिल करने में प्रमुख भूमिका निभाएगा। भारत गैस के साथ हमारी यह साझेदारी हमारे ग्राहकों के भुगतान के अनुभव को बदल देगी, जो बिना किसी मामूली बदलाव के एलपीजी सिलिंडर्स के लिए भुगतान कर सकेंगे।'' यह साझेदारी पेटीएम के देश में ऑनलाइन-टु-ऑफलाइन (O2O) क्षेत्र में दबदबे को और अधिक सशक्त करेगी। भारत गैस के ग्राहक पहले अपने गैस के लिए ऑनलाइन भुगतान करते थे। अब उनके पास डिलीवरी के समय भुगतान का एक और सुविधाजनक भुगतान विकल्प उपलब्ध हो गया है।
Wednesday, 14 September 2016
छायाचित्र मतदार यादी का विशेष संक्षिप्त पुनरिक्षण कार्यक्रम घोषित
छायाचित्र मतदार यादी का विशेष संक्षिप्त पुनरिक्षण कार्यक्रम घोषित
संवाददाता
मुंबई, / मुंबई शहर जिला द्वारा छायाचित्र मतदार यादी की विशेष संक्षिप्त पुनरिक्षण कार्यक्रम मुंबई शहर जिल्हाधिकारी डॉ. अश्विनी जोशी ने घोषित किया. भारत चुनाव आयोग ने संक्षिप्त पुनरिक्षण कार्यक्रम घोषित किया है जो निम्नलिखित है. *पुनरिक्षण कार्यक्रम व टप्पे की समयावधि * *प्रारुप मतदार यादी प्रसिध्दी* दि. 16 सितम्बर 2016 *दावा व शिकायत स्वीकारने का दिनांक* दि. 16 , सितम्बर 2016 ते 14 अक्टूबर, 2016 *मतदार यादी में संबंधित भाग का /सेक्शन का ग्रामसभा/स्थानिक संस्था और वाचन व आरडब्ल्यूए के साथ बैठक इत्यादी और नामो की की व्यवस्था करना * दि. 16 सितम्बर 2016 व दि. 30 सितम्बर 2016 *विशेष मुहीम का दिनांक* दि. 18 सितम्बर 2016 व दि. 9 अक्टूम्बर 2016 *दावा व शिकायत का निपटारा करना* दि. 16 नवम्बर 2016 तक *डाटाबेस का अप्टेट इत्यादी* दि. 15 डिसमबर 2016 तक *अंतिम मतदार यादी प्रसिध्दी* दि. 5 जनवरी 2017 तक मुंबई शहर जिला में टोटल मतदार 23 लाख 95 हजार 695 है . पुरुष मतदार की संख्या 13 लाख 18 हजार 216 व स्त्री मतदार की संख्या 10 लाख 77 हजार 396 है. बाद में जोड़ी गयी यादी के साथ दि. 16/09/2016 को प्रारुप मतदार यादी प्रसिध्द किया जायेगा वह सभी नागरिको को देखने के लिए विधानसभा मतदार छेत्र के मध्यवर्ती कार्यालय तथा पदनिर्देशित स्थानों और मुख्य चुनाव अधिकारी, महाराष्ट्र राज्य की वेबसाईट ceo.maharashtra.gov.in पर दि. 16/09/2016 से 14/10/2016 इस समयावधि में उपलब्ध होगी. उपरोक्त समयावधि तक मतदारो का नया नाम दर्ज करवाना, निकालना, नाम, उम्र , लिंग व पत्ता में दुरुस्त किये जाने के लिए नमुना फॉर्म्स भरके वह विधानसभा मतदारसंघ की मध्यवर्ती कार्यालय में तथा पदनिर्देशित स्थानों पर उपलब्ध करवाया जाने वाला है सादर करता है. मतदारो की सुविधा के लिये दि. 18/09/2016 व 09/10/2016 इन दो सार्वजनिक छुट्टी के दिनों विशेष मुहीम का आयोजन किया गया है. तथा जिन राजकीय दलों ने अभी तक बीएलए की नियुक्ती नही किया है. वह नियुक्ती करने के लिए राजकीय दलों को जिल्हाधिकारी ने निवेदन किया है. मतदार यादी प्रसिध्दीका कार्यक्रम सुरु किये जाने के बाद प्रत्येक दिन प्राप्त होने वाला नमुना 6,7 व 8अ की अर्जां की यादी निर्धारित पत्रमें भरकर ceo.maharashtra.gov.in इस वेबसाईट पर प्रसिध्द किया जायेगा. उसी तरह इस यादी की प्रति राजकीय दलों को सप्ताह में एक बार मतदार नोंदणी अधिकारी के द्वारा भेजवाया जाने वाला है. इस यादी पर कुछ शिकायत /सुझाब होने पर उस मतदार नोंदणी अधिकारी के पास निर्धारित समयावधि में किये जाने के मामले में राजकीय दलों से निवेदन किया गया है. दि. 16/09/2016 को प्रसिध्द होने वाली मतदार यादी विधानसभा मतदार संघ की मध्यवर्ती कार्यालय में भी प्रसिध्द किया जायेगा तथा उसी स्थान पर मतदार मदत केंद्र (Voter help Centre) सुरु किया जाने वाला है. नागरिको को जानकारी के लिए 1950 इस कॉल सेंटरपर फोन करके मतदार यादी के बारे में जानकारी मिलेगी. यह कॉल सेंटर सुबह 10.00 से शाम . 06.00 की समयावधि में सुरु रहेगा.
Monday, 12 September 2016
जनजागृती के नामपर पालिका ने किया 50 लाख का खर्च
जनजागृती के नामपर पालिका ने किया 50 लाख का खर्च
संवाददाता
मुंबई/ मुंबई में फैल रही बरसाती बीमारियों और शहर में लगाये जाने वाले लावले अनधिकृत बैनर, पोस्टर के मामले में जनजागृती करने के लिए पालिका ने लगभग 51 लाख रुपये खर्च किया है. इस खर्च को मंजूरी दिए जाने के बारे में प्रस्ताव स्थायी समिती में आया है. मुंबई में भरी पैमाने पर अनधिकृत बैनरबाजी की जाती है . इसपर अंकुश लगाया जाये इसलिए उच्च न्यायालय ने पालिका को जनजागृती करके किये गए कार्यवाहि की रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा था. इस वजह से पालिका ने जनजागृती करने के लिए 17 से 25 जनवरी 2016 के दरम्यान मीडिया और समाचार पत्र में विझापन के लिए 13 लाख 98 हजार रूपये खर्च किया गया है. इसी तरह मुंबई शहर में फैलने वाली बरसाती बीमारी के रोक थाम के लिए इस मामले में नागरिको में जनजागृती किये जाने के लिए तीन समाचार चैनल पर प्रसारित करने के लिए 24 लाख रूपये खर्च किया गया है. जिसमे17 लाख 88 हजार रुपये नागरिको द्वारा न देखे जाने वाले कलर्स इस मराठी चैनल पर खर्च किया गया. इसी तरह मुंबईची लाइफ़लाइन कही जाने वाली मध्य रेल्वे की 10 व पश्चिम रेल्वेकी 15 लोकल गाडियो में जुलाई व अगस्त महीने में विझापन लगाया गया था जिसपर 12 लाख 99 हजार रुपये खर्च किया गया है. मुंबई महानगर पालिका द्वारा किये गए खर्च को ने मंजूरी दिया जाये इस तरह का प्रस्ताव स्थायी समिती के सामने पेश किया गया है.