Monday, 20 April 2015

प्रस्तावित विकास योजना के विरोध में आजाद मैदान में आंदोलन

प्रस्तावित विकास योजना के विरोध में आजाद मैदान में आंदोलन 

 मुंबई / मुंबई महानगरपालिका द्वारा बनाए गए नये  प्रस्तावित विकास योजना का विरोध करने के लिए आज आजाद मैदान महाराष्ट्र सोसायटीज वेल्फेअर असोशिएशन और अफोर्देबल हौसिंग ऑर्गनायझेशन ओफ इंडिया के संयुक्त रुप से एक दिन का आंदोलन किया गया. इस विकास योजना के कारण नागरिको में भय का वातावरण  व्यापत है डी,पी, और डी सी आर प्रसिद्ध किए गए समय से असोशिएशनच्या कार्याल्य के भितर असंख्य नागरिक पुछ-ताछ करने के लिए जमा हो रहे है यह असोशिएशन प्रवक्ता सुनील शर्मा ने इस अवसर बताया ।

     इस विकास योजना के बारेमे जनजार्गृती करने के लिए संस्था के तरफ से अनेक जगह शिबीर आयोजित करके  इसमे  महत्व की जानकारी नागरिको को समझाया गया है यह सुनील शर्मा ने बताया व  रमेश प्रभू ने झोपडपट्टी सेस बिल्डिंग, किराएदारो के इमारते, और निजी संस्थाके इमारतो के  पुनर्विकास के बारे मे इसमे किसी तरह का विचार किया नही किया गया है यह कहा.पहले दिजाने वाली सुविधा जैसे बालवाडी, संस्था कार्यालय, कल्याण केंद्रे, मनोरंजन केंद्र यह अब एफ एस आय का भाग हुवा है. अत्यंत  कम होने से कोई भी विकासक पुनर्विकास के लिए आगे नही आएगा, यह डर प्रभू ने व्यक्त किया

पाइप लाईन तोड़कर पानी का बरबाद करने वाले ठेकेदार पर हो कार्रवाई

पाइप लाईन तोड़कर पानी का बरबाद करने वाले ठेकेदार पर हो कार्रवाई
संवाददाता
मुंबई। दहिसर नदी के पास सुरक्षा दीवार बनाने के समय पानी की पाइप लाईन तोड़कर लाखों लीटर पानी बरबाद करने वाले ठेकेदार पर कार्रवाई करने की मांग मनपा विरोधी दल नेता देवेंद्र आंबेरकर ने की है।
  देवेंद्र आंबेरकर ने बताया कि दहिसर नदी के पास बनाई गई सुरक्षा दीवार बहुत पुरानी है। इसी पुरानी दीवार को तोड़कर नई दीवार बनाए जाने का कार्य शुरू है। इस कार्य के  लिए ठेकेदार ने वहां पानी आपूर्ति करने वाली पाइपलाईन को दो दिन पहले तोड़ दिया था। जिसके कारण पास परिसर के विभाग में दो दिन पानी की आपूर्ति बांधित हुयी। इस विषय की जानकारी पालिका को दी गई। और वहां जाकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और पानी की आपूर्ति फिर से पहले की तरह करने के लिए प्रयत्न किया।  लाखों लीटर पानी की बर्बाद करनेवाले ठेकेदार के खिलाफ कठोर कार्रवाई करना चाहिए।  
  देवेंद्र आंबेरकर ने इस बारे की शिकायत पानी विभाग के इंजीनिंयर रमेश बांबले से करने पर बांबले ने पल्ला झाड़ते हुए संचालक लक्ष्मण वटकर से मामले की शिकायत करने की बात कही। जिसके बाद वटकर ने पानी की आपूर्ति शुरु कीया लेकिन ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कुछ नहीं कहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए देवेंद्र आंबेरकर ने जल्द से जल्द ठेकेदार के खिलाफ कठोर कार्रवाई कीए जाने की मांग की है।

Thursday, 15 January 2015

चोरी का मोटरसायकल बेचने वाले दो गिरफ्तार

---
चोरी का मोटरसायकल बेचने वाले दो गिरफ्तार

मुंबई। चोरी के मोटरसायकल कम पैसे में बेचने वाले दो लोगों को खार पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम मनोज रामसिंघानी और सतीश जाधव है। आरोपी मनोज मैकेनिक का काम करता था। दोनों आरोपियों के पास से पुलिस ने 10 मोटरसायकल बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों को 17 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है। पिछले साल सितंबर महीने में खार 10वा रास्ता से एक मोटरसायकल चोरी का मामला खार पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ था। पुलिस मामले की जांच कर रही थी। जांच के दौरान ही पुलिस निरीक्षक सुखलाल वर्पे को गुप्त जानकारी मिली कि कुर्ला में कम पैसे में चोरी की गाड़ी बेच रहे है। इस जानकारी के बाद पुलिस की एक टीम कुर्ला के बैलबाजार पहुंची। आरोपी मनोज का कुर्ला के बैलबाजार में मोबाईल की दुकान है और दुकान के पीछे गोडाउन है। जिसमें गिरफ्तार दोनों आरोपी चोरी के मोटरसायकल छिपा कर रखते थे। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर देखा कि आरोपी सतीश चोरी के मोटरसायकल पर फर्जी नबंर प्लेट लगाता हुआ दिखाई दिया। जब पुलिस ने उक्त मोटरसायकल के कागजपत्र के बारे में पूछा तो आरोपी ने सही जवाब नहीं दिया। जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और पूछताछ किया। आरोपी मनोज ग्राहकों को दस हजार रुपए में मोटरसायकल बेचा करता था। साथ ही कहता था कि उक्त मोटरयाकल मुंबई में नहीं चलाए। आरोपी मनोज को दो वर्ष पहले भी इस तरह के प्रकरण में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है। 

फर्जी दस्तावेजों के सहारे बेची जा रही मुंबईकरों की महंगी गाडिय़ां

फर्जी दस्तावेजों के सहारे
 बेची जा रही मुंबईकरों की महंगी गाडिय़ां

मुंबई। मुंबई में महंगी गाडिय़ां चुराकर उसे फर्जी दस्तावेजों के सहारे बेचा जा रहा है। इसके साथ ही गाडिय़ां चुराकर कम दामों पर बेचनेवाला गिरोह भी यहां सक्रिय है। दोनों ही मामले में मुंबई पुलिस ने कार्रवाई न केवल संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है बल्कि कई शातिर वाहन चोरों को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने इस गिरोह के पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। लेकिन इस मामले का मुख्य आरोपी अब भी फरार बतागया है। जिसकी तलाश पुलिस सरगर्मी से कर रही है। पुलिस को संशय है कि इस गोरखधंधे में आरटीओ के अधिकारी तथा कर्मचारियों की भी लिप्तता हो सकती है।
गिरफ्तार आरोपी फर्जी कागजपत्र की मदद से बैंक में गाड़ी के लोन के लिए अर्ज दिया करते थे। कुछ रक्कम भरकर गाड़ी लेते थे। फर्जी वाहन टीसी बुक के आधार से नंबरप्लेट बनाकर गाड़ी कम पैसे में ग्राहकों को बेचा करते थे। गाड़ी का पूरा पैसो भरने के बाद कागजपत्र देगें ऐसा कहकर ग्राहकों से कुछ पैसे ले लेते थे। उक्त गिरफ्तार गिरोह तकरीबन चाल साल से इल तरह की वारदातों को अंजाम दे रही है। साथ ही पुलिस  ने संशय व्यक्त किया है कि इस प्रकरण में आरटीओ एजेंट और बैंक कर्मचारी भी शामिल है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम अब्दुल शेख, नितीन राय, प्रभुसिंग राठोड़, सुरेश मोरे और गार्डन मिरकिटा है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने फर्जी वाहन टीसी बुक, बैंक के लोन पेपर, फर्जी झेरॉक्स पहचान पत्र आदि बरामद की है। गत 6 जनवरी को जुहू पुलिस स्टेशन के सहायक पुलिस निरीक्षक नंदकिशोर जाधव रात के समय गस्ती पर ते। इसी दौरान उन्हें एक ईनोवा गाड़ी संशय अवस्था में दिखाई दी। जिसके बाद गाड़ी को रोका और उसकी जांच-पड़ताल की तो उक्त फर्जी काजगपत्र बरामद हुए।  इसके बाद गाड़ी चालक अब्दुल शेख को पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस ने शेख से पूछताछ की। पूछताछ में शेख ने चार और आरोपियों के बारे में बताया। जिसके बाद चारों आरोपियों को मालाड और विर्लेपाले से गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने एक प्राइवेट बैंक के मैनेजर से पूछताछ की। मैनेजर ने पूछताछ में बताया कि गाड़ी के लिए बैंक ने लोन दिया था। मामले की अधिक जांच के लिए पुलिस ने आरटीओ विभाग की मदद ली। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी की चार गाडिय़ा बरामद की है। जिनकी किमत 34 लाख बताई गई है। गाडिय़ा बेचकर गिरफ्तार आरोपियों ने कुल 10 लाख रुपए कमाए थे।

दंडित होंगे कचरा फैलानेवाले मुंबईकर


दंडित होंगे कचरा फैलानेवाले मुंबईकर

मुंबई। मुंबई मनपा प्रशासन अब कचरे को लेकर गंभीर रूख अख्तियार करने जा रहा है। शहर में कचरा फैलानेवालों को अब दंडित किया जाएगा। इसी के तहत सफाई मुकादम को दंड लगाने का अधिकार मनपा प्रशासन ने दिया है। इसके अतिरिक्त यदि दुकानदारों ने कचरे फैलाए तो उसका लाईसेंस मनपा रद्द करने जा रही है। जबकि विमानतल परिसर को गंदा करनेवालों को भी अब बख्सा नहीं जाएगा। अब डीजीसीए उस पर कड़ी नजर रखेगी।
मुंबई की दुकानें, होटल या फिर मटन शॉप वालों ने गंदगी फैलाई तो वे आर्थिक दंड के भागी होंगे। इन बातों की पुष्टि करते हुए मनपा के अतिरिक्त आयुक्त एस. वी. आर. श्रीनिवासन ने कहा है कि यदि होटल, उपहारगृहों, रेस्टॉरेंट, मटन तथा मीट दुकानदारों ने कचरा फैलाए तो उसके लाईसेंस को रद्द करने में किसी प्रकार की देरी नहीं की जाएगी।
दूसरी ओर विमानतल परिसर की स्वच्छता को लेकर भी मनपा प्रशासन काफी गंभीर है। होटल, रेस्टॉरेंट, मटन तथा चिकेन दुकानों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। विदित हो कि दस किलोमीटर के क्षेत्र में यदि कचरा दिखा तो दोषियों पर कार्रवाई होगी। इसके साथ ही दुकानों के लाईसेंस भी रद्द होंगे। सिविल एविएशन के डायरेक्टर ने मनपा प्रशासन से शिकायत की थी कि विमानतल परिसर तथा आसपास में मटन तथा चिकेन बेचनेवाले कचरा फेंकते हैं। इस कारण चिडिय़ां मंडराती है। इससे विमानों की आवाजाही बाधित होती है और साथ ही दुर्घटना की भी संभावना बनी रहती है। इसे टालने के लिए भी विशेष कदम उठाए जा रहे हैं।
विमानतल परिसर के 10 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में दो सफाईकर्मियों की तैनाती की गई है। बीस कामगारों पर एक मुकादम भी उपलब्ध कराया गया है।

Tuesday, 6 January 2015

बेस्ट घोटाले की सीआईडी जांच की जाए - देवेंद्र आंबेरकर

 बेस्ट घोटाले की सीआईडी जांच की जाए - देवेंद्र आंबेरकर
संवाददाता
मुंबई । शहर की दूसरी लाइफ लाइन कही जानेवाली बेस्ट में हुए सभी घोटालों की जांच सीआइडी से कराये जाने की मांग मनपा विरोधी पक्ष नेता देवेंद्र आंबेरकर ने मनपा सभागृह में बेस्ट बजट के सन्दर्भ में निवेदन पेश कर चर्चा के दौरान कही ।
            गौरतलब है कि बेस्ट आर्थिक रूप से घटे में चल रही है साथ ही बेस्ट कर्ज में भी डूबी है । जिससे उबरने के लिए बेस्ट प्रशासन ने बेस्ट किराये में बढ़ोत्तरी किये जाने की घोषणा की गयी है । किराये बढ़ोत्तरी के लिए बेस्ट में हुए घोटाले जिम्मेदार होने की बात आंबेरकर ने कही । सभागृह में बेस्ट बजट पर विरोधी पक्ष नेता आंबेरकर ने निवेदन पेश करते हुए कहा कि बेस्ट ने करोडो रुपयो का ठेका ठेकेदारों को दिया लेकिन कंपनी द्वारा काम ही न किये जाने से बेस्ट के पैसे बर्बाद होने से बेस्ट आर्थिक रूप से घाटे में आई है । साथ ही आंबेरकर ने कहा कि बस डेपो में अनेक विकास के काम शुरू होने के बाद भी बेस्ट को आय  प्राप्त नहीं हो रही । बेस्ट को अधिक आय प्राप्त कराने की मानसिकता सत्ताधारी व प्रशासन में न होने की बात आंबेरकर ने कही । बेस्ट में हुए घोटालों पर कैग ने भी टिपण्णी की थी । कैग द्वारा पेश रिपोर्ट की अधिकारी व सत्ताधारी अनदेखी कर ठेकेदारों को फायदा दिलाने का काम कर रहे है । बेस्ट में इलेक्ट्रिक सब स्टेशन का लगभग  करोडो का घोटाला हुआ है इसकी जांच नहीं की जा रही ।बेस्ट में कैझन घोटाला बिजली चोरी प्रकरण पवन ऊर्जा घोटाला गोराई बिच स्थित कमीशन घोटाला केएलजी  बिजली मीटर विज्ञापन ठेका कैनेडियन समयसारिणी आदि कई घोटाले हुए है । बेस्ट में यदि यह घोटाले न हुए होते तो बेस्ट का आर्थिक नुक्सान न होने की बात आंबेरकर ने बेस्ट बजट पर चर्चा के दौरान कही  । आंबेरकर ने इन सभी घोटालों की जांच सीआईडी से कराने की मांग की है । जिसपर आनेवाली सभागृह में सर्वपक्षों द्वारा चर्चा की जायेगी ।