Saturday, 23 January 2016

खिचड़ी मुहैया करने वाली महिला बचत गट के ठेके की अवधि नहीं बढ़ाने का मनपा ने लिया निर्णय

खिचड़ी मुहैया करने वाली महिला बचत गट के ठेके की अवधि नहीं बढ़ाने का मनपा ने लिया निर्णय
संवाददाता
मुंबई । मनपा स्कूलों में पढने वाले छात्रों को महिला बचत गट द्वारा खिचड़ी मुहैया की जाती है । यह खिचड़ी ख़राब दर्जे की होने व उसमे कीड़ा आदि मिलने का आरोप कई बार लगाया गया है । जिसे देखते हुए जून 2016 से महिला बचतगट के खिचड़ी के ठेके की अवधी न बढ़ाने का निर्णय मनपा प्रशासन ने लिया है । जिससे अब खिचड़ी के लिए नए सिरे से टेंडर मंगाए जाएंगे । 
          गौरतलब है कि मनपा स्कूलों में पढने वाले छात्रों को मनपा द्वारा मध्यांतर अवकाश में खिचड़ी देंव की व्यवस्था की गयी है । जिसका ठेका 350 महिला बचत गट संस्थाओं को दिया गया है । इनके द्वारा मुहैया की जाने वाली खिचड़ी ख़राब दर्जे की होने का आरोप कई बार शिक्षण सदस्यों द्वारा लगाया गया था । महिला बचत गट द्वारा मुहैया की गयी खिचड़ी से गोवंडी स्थित मनपा स्कूल के लगभग 11 छात्रों को विषबाधा हुई थी । जिसे कल शिक्षण समिति की बैठक में उठाया गया । इस संदर्भ में भाजपा के शिवनाथ दराडे ने हरकति का मुद्दा बैठक में उपस्थित किया । इस दौरान दराडे ने कहा कि महिला बचत गट द्वारा मुहैया की जानेवाली खिचड़ी ख़राब होने के बारे में कई बार सदस्यों द्वारा आवाज उठाई गयी है बावजूद इसके महिला बचत गट को वर्ष 2009 से लगातार ठेके की अवधी को बढ़ाए जाने का स्पष्ट किया ।  साथ ही बचत गट द्वारा सुबह सात बजे खिचड़ी बनाई जाती है और खिचड़ी के गरम रहने पर भी उसे डिब्बे में भरकर बंद किया जाता है । साथ ही स्कूलों में भेजा जाता है । दोपहर की खिचड़ी भी सुबह ही स्कूलों में भेज दी जाती है । जिसके कारण डिब्बों की खिचड़ी से कई बार दुर्गंध आने लगती है । वहीँ किचन अस्वच्छ होने से खिचड़ी में कीड़े आदि भी मिलने का दराडे ने कहा । खिचड़ी जहां बनाई जाती है उस किचन की जांच करने, दौर करने और सेंट्रलाइस किचन बनाने की मांग करने के बाद भी प्रशासन बचत गट को ठेका देती है ऐसा आरोप प्रियतमा सावंत ने किया है । जिसपर मनपा उपायुक्त रणजीत ढाकणे ने कहा कि मनपा स्कूलों में खिचड़ी मुहैया करने के लिए मुंबई में सेन्ट्रल किचन बनाने की मंजूरी मिले, इसके लिए पिछले कई वर्षों से मनपा राज्य सरकार के पास कोशिश कर रही है । मुम्बई को छोड़ सभी जिलों में सेन्ट्रल किचन को मंजूरी मिली है । किन्तु राज्य सरकार द्वारा मुम्बई मनपा को ही मंजूरी नहीं दी गयी है ।  किन्तु राज्य सरकार द्वारा मुम्बई में सेन्ट्रल किचन बनाने के मंजूरी देने का आश्वासन दिए जाने का स्पष्ट किया । साथ ही महिला बचत गटों को शैक्षणिम वर्ष ख़त्म होने तक खिचड़ी मुहैया करने के लिए कहा गया है । जिसके बाद नए सिरे से टेंडर मंगाए जाने का स्पष्ट किया है । 

Thursday, 21 January 2016

आरजीपीजी भूखंड मामले में मनपा ने न्यायलय में केविट दाखिल की   दूसरे चरण में 25 भूखंड धारकों को भेजा गया नोटिस


आरजीपीजी भूखंड मामले में मनपा ने न्यायलय में केविट दाखिल की  
दूसरे चरण में 25 भूखंड धारकों को भेजा गया नोटिस
संवाददाता
मुंबई । मनपा द्वारा आरजीपीजी भूखंड के संदर्भ में 216 में से 36 भूखंडधारक संस्था, संघटना को नोटिस भेजी गयी थी । जिन्हें ये नोटिस भेजी गयी है उनके द्वारा न्यायालय का सहारा लेकर इस संदर्भ में स्टे लेने की संभावना होने से मनपा द्वारा सिटी सिविल कोर्ट व उच्च न्यायलय में केविट दाखिल किया गया है । वहीँ दूसरे चरण में 25 भूखंड धारकों को नोटिस मनपा द्वारा भेजा गया है । 
           गौरतलब है कि मुंबई में मानसून के दौरान की गयी नालासफाई काम में बड़े प्रमाण में ठेकेदारों द्वारा घोटाला किया गया था । जिसके संदर्भ में जांच कर रिपोर्ट पेश होने के बाद मनपा आयुक्त अजोय मेहता द्वारा दोषी ठेकेदारों को काली सूचि में डाला गया था । जिसके बाद ठेकेदारों द्वारा न्यायालय का सहारा लिया गया था जिसमे उनकी जीत हुई और उन्हें स्टे मिला । नालेसफाई मामले से सबक लेते हुए मनपा ने आरजीपीजी पॉलिसी के तहत दिए भूखंड को वापस लेने के लिए पूरी तरह कमर कस ली है । आरजीपीजी प्लॉट कब्जे में लेने के लिए मनपा के उद्यान विभाग द्वारा सोमवार को 36 भुखंडधारक संस्थाओं को नोटिस भेजी गयी थी । भूखंडधारकों द्वारा इस मामले में यदि सिटी सिविल कोर्ट में स्टे लेने के लिए जाएंगे तो ऐसे में मनपा की बातों को भी सुना जाए इसलिए मनपा द्वारा कोर्ट में केविट दाखिल की गयी है । मुंबई मनपा द्वारा उद्यान व मैदान दत्तक तत्व पर देने की आरजीपीजी पॉलिसी बनाई गयी है । जिसे मनपा सभागृह में सत्ताधारी शिवसेना व भाजपा द्वारा बहुमत के जोर पर मंजूर किया गया था । वहीँ भाजपा के विधायक गोपाल शेट्टी के कब्जे में रहा भूखंड उनके द्वारा मनपा को वापस कर भाजपा को इस मामले से दूर कर दिया है । किंतु शिवसेना के नेताओं द्वारा अबतक इस संदर्भ में कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है । मनपा द्वारा सभी 216 भूखंड धारकों को नोटिस भेजे जाएंगे । जिसे अलग अलग चरणों में भेजा जाएगा । पहले चरण में 36 संस्थाओं को नोटिस भेजा गया था। इसी क्रम में दूसरे चरण में भी कल लगभग 25 संस्थाओं को नोटिस भेजा गया है । 

 

विंग्स ट्रेवल्स ने एलजीबीटी समुदाय की मदद हेतु भारत की पहली रेडियो केब सेवा 'विंग्स रेनबो' आरंभ की

विंग्स ट्रेवल्स ने एलजीबीटी समुदाय की मदद हेतु भारत की
पहली रेडियो केब सेवा 'विंग्स रेनबो' आरंभ की

~ हमसफ़र ट्रस्ट के सहयोग से सशक्तिकरण की एक अनोखी पहल ~

मुंबई, 21 जनवरी 2016: विंग्स ट्रेवल्स मैनेजमेंट प्रा. लि. द्वारा एलजीबीटी समुदाय को रोजगार के अवसर प्रदान करने हेतू भारत की पहली सशक्तिकरण पहल 'विंग्स रेनबो' के शुरुआत की घोषणा आज की गयी। विंग्स रेनबो परियोजना का लक्ष्य यौनिक रूप से अल्पसंख्यक समुदाय के सामाजिक व आर्थिक निर्देशांकों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उन्हें जीवन-कौशल्य उपलब्ध कराकर जीवन-निर्वाह के अवसर प्रदान करना हैं।  विंग्स ट्रेवल्स एलजीबीटी समुदाय के साथ काम करने वाला समुदाय आधारित संगठन हमसफ़र ट्रस्ट के साथ एक पायलट कौशल विकास कार्यक्रम आरंभ करेगा जिससे वे कार्य शुरू होंगे, जो एलजीबीटी समुदाय के प्रशिक्षण पर केन्द्रित रहेंगे, जिससे वे रेडियो केब ड्राइव कर सकें। 

यह पायलट कार्यक्रम समलैंगिक और ट्रांसजेंडर समुदाय के पांच सदस्यों को सशक्त करेगा कि वे सीखने के लायसंस हेतु आवेदन करें और फिर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे वे अखिल भारतीय ड्रायवर के लायसंस का प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकें।  विंग्स ट्रेवल्स इन व्यक्तियों  को मुंबई में उनकी रेडियो टैक्सी सेवाओं हेतु प्रशिक्षण प्रदान कर नियुक्ति देगा. पायलट कार्यक्रम द्वारा उन्हें अपने कौशल्य निर्माण काम को विकसित करने का अनुभव प्रदान करेगा, जिससे इस पहल के अपस्केल हेतु उन्हें अंतर्दृष्टि उपलब्ध हो सके। 

इस अद्भुत शुरुआत के बारे में अधिक बताते हुए  अरुण खरात, संस्थापक व निदेशक, विंग्स ट्रेवल्स मैनेजमेंट प्रा. लि. ने बताया कि, “विंग्स जिन भौगोलिक क्षेत्रों में संचालन करते हैं, वहाँ के सब के सामुदायिक कल्याण हेतु हम प्रतिबद्ध हैं। हमारा यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि भारत में एलजीबीटी समुदाय भी वैसे  ही अधिकार व जीवन-निर्वाह का उपभोग कर सकें, जैसे कि युनाईटेड स्टेट्स ऑफ अमरीका जैसे विकसित देशों में वे कर रहे हैं।  हमसफ़र ट्रस्ट के सहयोग से हमने वह यात्रा आरंभ की है, जिससे इस समुदाय के व्यक्तियों को अपनी कुशलता को विकसित करने में मदद मिले, जिससे वे जल्दी से जल्दी विंग्स रेडियो केब्स में शोफर की नियुक्ति प्राप्त कर सकें।  हमारी योजना है कि निकट भविष्य में रोजगार को बड़ा कर उद्यमशीलता के मॉडल तक तैयार किया जाए, जिससे उन लोगों की कमाई की संभावना में वृद्धि हो।”

इस प्रगति से उल्लासित होकर  पल्लव पाटनकर, कार्यक्रम निदेशक, हमसफ़र  ट्रस्ट ने अपना मंतव्य देते हुए कहा कि, “एनएएलएसए के फैसले के बाद कई निगम ट्रांसजेंडर और यौनिक अल्पसंख्यक समुदाय हेतु रोजगार के प्रस्ताव लेकर आगे आए हैं. हमें खुशी है कि विंग्स ट्रेवल्स मैनेजमेंट प्रा. लि. हमारे पास एक मजबूत योजना लेकर आए हैं. हमने उनसे अनुरोध किया है कि इस अवसर को एलजीबीटी समुदाय के सभी इच्छुक सदस्यों तक विस्तृत करें. वर्तमान बैच में हमारे पास हीजड़ा समुदाय के दो सदस्य हैं, लेकिन हमें आशा है कि हीजड़ा व ट्रांसजेंडर समुदाय के और सदस्य आगे आएँगे व कार्यक्रम का लाभ लेंगे.”
विंग्स ट्रेवल्स ने एलजीबीटी समुदाय की मदद हेतु भारत की पहली रेडियो केब सेवा 'विंग्स रेनबोआरंभ की। इस अवसर पर विंग्स ट्रेवल्स मैनेजमेंट प्रा. लि. के संस्थापक व निदेशक श्री अरुण खरातहमसफ़र ट्रस्ट के कार्यक्रम निदेशक  पल्लव पाटनकर उपस्थित थे।  'विंग्स रेनबो'परियोजना का लक्ष्य यौनिक रूप से अल्पसंख्यक समुदाय के सामाजिक व आर्थिक निर्देशांकों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उन्हें जीवन-कौशल्य उपलब्ध कराकर जीवन-निर्वाह के अवसर प्रदान करना हैं।    

Wednesday, 20 January 2016

मैदानों को कब्जे में लेने के लिए मनपा ने शुरू की प्रक्रिया

लगभग 35 भूखंडधारक संस्थाओं को मनपा ने भेजा नोटिस 
संवाददाता
मुंबई । मनपा द्वारा मंजूर किये गये आरजीपीजी पॉलिसी का विरोध किये जाने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पॉलिसी के संदर्भ में पुनर्विचार करने का मनपा को आदेश दिया था । जिसके बाद मनपा ने देखभाल तत्व पर निजी संस्थाओं व संघटना को दिए भूखंड कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू की है । जिसके अनुसार पहले चरण में मनपा द्वारा लगभग 35 भूखंडधारक संस्थाओं को नोटिस भेजी है । 
             गौरतलब है कि मनपा ने मैदानों व उद्यानों की देखभाल करने के लिए संस्थाओं को दिया था । जिसके संदर्भ में तैयार की गयी आरजीपीजी पॉलिसी के तहत यह भूखंड दत्तक तत्व पर देने के प्रस्ताव को मनपा सभागृह में मंजूरी दी गयी थी । जिसका विरोधी पक्षों द्वारा विरोध करने के बाद मुख्यमंत्री ने इस पॉलिसी पर पुनर्विचार करने के साथ ही भूखंडों को अपने कब्जे में लेने का आदेश मनपा को दिया था । जिसके बाद मनपा ने खाली भूखंडों को अपने कब्जे में लेने की प्रक्रिया कल से शुरू की है । इस प्रक्रिया के अनुसार 235 भूखंड धारकों में से 216 भुखंडधारकों को नोटिस भेजा जाएगा । यह नोटिस कई चरणों में भेजे जाएंगे । कल प्रथम चरण में लगभग 35 भूखंडधारक संस्थाओं को नोटिस भेजे जाने की जानकारी मनपा द्वारा दी गयी है । मनपा के उद्यान विभाग द्वारा यह नोटिस भेजी गयी है जिसके अनुसार छगन भुजबल के मुंबई एजुकेशन ट्रस्ट को जनरल अरुणकुमार वैद्य चौक बांद्रा रिक्लेमेशन बांद्रा पूर्व स्थित 9195 स्क्वेयर मीटर का खुला भूखंड दिया गया था जिसे अपने कब्जे में लेने के लिए नोटिस भेजा गया है । वहीँ हर्निमाल सर्कल गार्डन ट्रस्ट, बांद्रा जिलाधिकारी कार्यालय के पास 3021 स्क्वेयर मीटर के दिनकर पटेल उद्यान व उसके पास के 3469.81 स्क्वेयर मीटर के धर्मवीर संभाजी राजे उद्यान के लिए रिलायंस एनर्जी लिमिटेड कंपनी को नोटिस भेजा गया है । साथ ही उत्कर्ष मंडल, आय एम चौधरी वेलफेयर एन्ड जिमनेशियम सोसायटी, ऑल इंडिया मेमन जमात फेडरेशन, मेमनवाड़ा वेलफेयर सोसायटी, प्रभदेवी के साने गुरूजी उद्यान, चिराबाजार, ताडवाडी गणेशोत्सव मंडल, गुजराती सेवा मंडल, रोटरी क्लब ऑफ़ बॉम्बे एअरपोर्ट व मारवाड़ी सम्मलेन को नोटिस भेजे गए है  ।

पुणे-हावड़ा के बीच 4 सुपरफास्ट वातानुकूलित विशेष गाड़ियाँ


पुणे-हावड़ा के बीच 4 सुपरफास्ट वातानुकूलित विशेष गाड़ियाँ

यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने पुणे एवं हावड़ा के बीच 4 वातानुकूलित सुपरफास्ट विशेष गाड़ियाँ चलाने का निर्णय लिया है।  जिसका विवरण निम्नानुसार है।

00221 सुपरफास्ट वातानुकूलित विशेष गाड़ी दिनांक 25.1.2016 एवं 1.2.2016 को (2 फेरे) पुणे से 1030 बजे प्रस्थान कर अगले दिन 1815 बजे हावड़ा पहुंचेगी।

00222 सुपरफास्ट वातानुकूलित विशेष गाड़ी दिनांक 23.1.2016 एवं 30.1.2016 (2 फेरे) को हावड़ा से 1830 बजे प्रस्थान कर तिसरे दिन 0245 बजे पुणे पहुंचेगी।

ठहराव :-पनवेल, भुसावल, नागपुर, रायपुर, बिलासपुर, रायपुर, झारसुगुड़ा, राऊलकेला, चक्रधरपुर, टाटानगर एवं खड़गपुर।

संरचना:- तीन वातानुकूलित द्वितीय  श्रेणी, 10 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी एवं एक प्रथम वातानुकूलित श्रेणी।

आरक्षण : विशेष शुल्क के साथ चलने वाली गाड़ी क्रमांक 00221 का आरक्षण दिनांक 20.1.2016 से आरंभ होगा।

बायो टॉयलेट की निविदा प्रक्रिया से मनपा को करना होगा अधिक खर्च


बायो टॉयलेट की निविदा प्रक्रिया से मनपा को करना होगा अधिक खर्च
संवाददाता
मुंबई । मुंबई में बायो टॉयलेट बनाने के लिए मनपा प्रशासन ने डेढ़ लाख रुपये प्रति शौचकूप तय की थी । किंतु अब इसके लिए दो से चार लाख रुपये तक की राशि ठेकेदारों द्वारा निविदा में भरी गयी है । जिससे मनपा को आर्थिक रूप से दोगुना व तिगुना नुकसान हो रहा है । वहीँ मनपा आयुक्त अजोय मेहता ने टेंडर मंगाने के बाद नियमों को रोकते हुए एक ही ठेकेदार को दो से अधिक काम देने का निर्णय लिया है । जिससे बायो टॉयलेट के लिए मनपा को अधिक पैसे खर्च करने पड़ेंगे । 
               मनपा ने वस्ती स्वच्छता कार्यक्रम के अंतर्गत शौचालयों का निर्माणकार्य करने के लिए ठेकेदारों की नियुक्ति गयी थी । इन ठेकेदारों के काम की कालावधि ख़त्म होने जा रही है । जिससे उनकी जगह नये ठेकेदारों की नियुक्ति करने का निर्णय मनपा ने लिया है । इसके लिए पूर्वी परिमंडल निहाय निविदा न मंगाकर विभाग कार्यालय के लिए एक ठेकेदार की नियुक्ति के लिए निविदा मंगाई गयी । इस निविदा में लगभग 175 करोड़ रुपये की बोली ठेकेदारों द्वारा लगाई गयी है । कर सहित यह खर्च लगभग 241 करोड़ रुपये तक जाएगा । इस नए निविदा के अनुसार 362 आर.सी.सी. के शौचालय (5300 शौचकूप) व लगभग 2260 बायो टॉयलेट निर्माण करने का प्रस्तावित है । परंतु पूर्व के लॉट में पूर्व उपनगर में शौचालय के निर्माणकार्य का ठेका बी. नारायण को दिया गया था । जिसकी कालावधि 30 जून 2016 में ख़त्म हो रही है । विपरीत इसके इसी ठेकेदार को दोबारा पूर्व उपनगर के कुर्ला, मानखुर्द-गोवंडी, देवनार, घाटकोपर, विक्रोली, कांजूर मार्ग व भांडुप आदि चार विभाग कार्यालय का काम दिया गया है । यह ठेका लगभग 15 से 22 करोड़ रुपये में दी गयी है । वहीँ दूसरी तरफ लैंडमार्क कंपनी को पांच काम दिए गए है । इस कंपनी को दिए गए सभी जगहों का लगभग 6.25 करोड़ रुपये का एक ही राशि है । जिसके कारण दिए गए ठेकों में मिलीभगत होने का स्पष्ट होता है । इस सभी ठेकेदारों ने तय राशि से लगभग 49 प्रतिशत तक बोली लगाई है । जबकि इन सभी ठेकेदारों ने प्रत्यक्ष रूप से लेनदेन में 30 प्रतिशत से कम कीमत करने से मना कर दिया है । जिसके कारण उन्हें उसी कीमत में ठेका दिया गया है । मनपा नियमानुसार निविदा में तीन ठेकेदार न होने से दोबारा निविदा मंगाया जाना चाहिए । किन्तु इसकी अनदेखी कर एक ही निविदा आने पर उसी ठेकेदार को ठेका दिया गया है । दोबारा निविदा मंगाने में होने वाली देरी से शौचालय के काम में देरी होगी जिससे स्वच्छ भारत अभियान की गति धीमी हो जायेगी ऐसा स्पष्ट कर मनपा आयुक्त अजोय मेहता ने निविदा मंगाने के बाद उन नियमों को रोक कर एक ठेकेदार को दो से अधिक काम देने का निर्णय लिया है । 

Monday, 18 January 2016

साखर कारखाना निवडणुकीतील विजय म्हणजे ऊस उत्पादकांच्या विश्वासाचे निदर्शक! खा. अशोकराव चव्हाण यांची प्रतिक्रिया

साखर कारखाना निवडणुकीतील विजय म्हणजे ऊस उत्पादकांच्या विश्वासाचे निदर्शक!
खा. अशोकराव चव्हाण यांची प्रतिक्रिया
मुंबई, दि. 18 जानेवारी 2015:
भाऊराव चव्हाण सहकारी साखर कारखान्याच्या निवडणुकीत मतदारांनी विरोधकांना धूळ चारत शेतकरी विकास पॅनलच्या सर्वच्या सर्व 21 उमेदवारांना विजयी करणे म्हणजे ऊस उत्पादक शेतक-यांच्या विश्वासाचे निदर्शक असल्याची प्रतिक्रिया महाराष्ट्र प्रदेश काँग्रेस कमिटीचे अध्यक्ष खा. अशोकराव चव्हाण यांनी व्यक्त केली आहे.
नांदेड जिल्ह्यातील भाऊराव चव्हाण सहकारी साखर कारखान्याच्या निवडणुकीतील विजयानंतर प्रतिक्रिया व्यक्त करताना खा. चव्हाण म्हणाले की, या निवडणुकीत विरोधकांनी खालच्या पातळीवर जाऊन प्रचार केला. माझ्यावर अशोभनीय पद्धतीने व्यक्तीगत टीका केली. परंतु, मतदारांनी या प्रकाराला थारा न देता काँग्रेस विचारधारेच्या शेतकरी विकास पॅनलवर विश्वास दर्शविला. व्यक्तीगत द्वेषाने पछाडलेल्या मंडळींनी महाआघाडी स्थापन केली. ऊस उत्पादकांचा विश्वास आमच्या पाठीशी असल्याने अशा दहा आघाड्या स्थापन झाल्या तरीही फरक पडणार नाही. राजकारणात विरोध वैचारिक स्वरूपाचा असावा; व्यक्तीगत असू नये. या पश्चातही ज्या मंडळींनी माझ्याविरूद्ध निराधार आरोप केले, खालच्या पातळीवर जाऊन टीका केली; त्यांच्याविरूद्ध मनात आकस नसल्याचे काँग्रेस प्रदेशाध्यक्षांनी स्पष्ट केले. भाऊराव चव्हाण सहकारी साखर कारखान्याची अधिकाधिक प्रगती करून त्याचा प्रत्यक्ष फायदा ऊस उत्पादकांना मिळवून देण्याचा हेच आपले उद्दिष्ट असल्याचे ते म्हणाले. या निवडणुकीत सभासदांनी दाखविलेल्या प्रचंड विश्वासाबद्दल त्यांनी आभारही व्यक्त केले