Wednesday, 25 May 2016

प्रस्ताविक विकास प्रारुप के मामले में तृष्णा विश्वासराव ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

प्रस्ताविक विकास प्रारुप के मामले में तृष्णा विश्वासराव ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात 
संवाददाता
मुंबई/ मुंबई के विकास के लिए बनाए जा रहे प्रस्ताविक विकास प्रारुप में कुछ प्रावधानों के चलते मुंबई के नागरिको  के विकास में  रुकावट आएगी।  इस  संबध  में  शिवसेना की तरफ से मुंबई महानगर पालिका की सभागृह नेता तृष्णा विश्वासराव, उद्योग मंत्री सुभाष देसाई और मुंबई के  पूर्व  महापौर  सुनील प्रभु  के साथ मंगलवार २४ मई  को  मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर मुंबई के प्रस्तावित विकास प्रारुप में अनेक बदलाव करने  का सूझाव दिया है। इन सभी सुझावों पर ध्यान देकर इन्हें आने वाले विकास प्रारुप में शामिल नहीं किया गया तो इस विकास प्रारुप  का  शिवसेना विरोध करेगी। यह सभागृह नेता तृष्णा विश्वासराव ने कहा है।
  गौरतलब है कि मनपा की सभागृह  नेता  तृष्णा विश्वासराव ने मुख्यमंत्री
देवेंद्र फडणवीस को दिए गए पत्र में कहा है कि वर्तमान प्रस्तावित विकास प्रारुप में किफायती मकानो  के  लिए नो  डेवलमेंट क्षेत्र की खाली जमिनों, नमक की खेती की खाली जमीन और आरे मुंबई की ग्रीन जोन की जमीन को लेकर शिवसेना का विरोध है। इसके बजाए मुंबई की पूरानी चालों को होटल की तरह एफएसआई बढ़ाकर दिए जाने पर किफायती मकानो के लिए के लिए  खाली जमीन को बिना हाथ लगाए गति मिल सकती है। मुंबई में  खाली  जमीनों का प्रमाण प्रत्येक व्यक्ति पर ४ वर्गमीटर प्रस्तावित  है और इसको बढ़ाने को कहा गया है। इसके लिए शिवसेना गोरेगाव में आरे की जगह में मेट्रो के लिए कारशेड बनाने जाने  का विरोध कर रही है।  पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील स्थानो को संभालकर रखना चाहिए। मुंबई की नदियों और खाड़ियों का संरक्षण करना  चाहिए।  आदि बातों का समावेश शिवसेना ने किया है।
  इस मामले में   तृष्णाविश्वास राव ने बतया कि विकास प्रारुप में एफ एसआई में की गई बढ़ोतरी बहुत ही खतरनाक है उस बढ़ोतरी पर अंकुश
न रखने पर मुंबई  की सुविधाओं पर और अधिक दबाव पडेगा। इसके  अलावा क फ परेड की ३०० एकड़ क्षेत्र पर समुद्र की जमीन को  भरनी करकर  बीच  में  बाग के लिए जगह  उपलब्ध  करवाने के  बजाय महालक्ष्मी रेसकोर्स को कब्जे में लेकर सभी आम मुंबई के नागरिको के लिए मध्य में सार्वजनिक उद्यान व मनोरंजन क्षेत्र का निर्माण किया जाए।

Tuesday, 24 May 2016

विदर्भ, मराठवाडा उद्योगांना वीज दरात सवलत ऊर्जा मंत्र्यांच्या अध्यक्षतेखाली मंत्रिमंडळाची उपसमिती गठित करण्याचा कॅबिनेटचा निर्णय

विदर्भ, मराठवाडा उद्योगांना वीज दरात सवलत
ऊर्जा मंत्र्यांच्या अध्यक्षतेखाली मंत्रिमंडळाची
उपसमिती गठित करण्याचा कॅबिनेटचा निर्णय

मुंबई, 24 मे                                   
विदर्भ-मराठवाडा या भागातील औद्योगिक विकासाला चालना देण्यासाठी या विभागाचा व उर्वरित महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, छत्तीसगड या प्रदेशातील औद्योगिक विकास आणि उदयोगांना देण्यात आलेल्या वीजदराचा तुलनात्मक अभ्यास करून वीज दराबाबत अहवाल सादर करण्यासाठी विभागीय आयुक्त नागपूर यांच्या अध्यक्षतेखाली एका अभ्यास समितीचे गठन करण्यात आले. या समितीने औद्योगिकदृष्टया प्रगत आणि मागास भागाचा वीजदराबाबतचा अभ्यास करून आपला अहवाल शासनाला सादर केला. यानंतर मुख्य सचिवांच्या अध्यक्षतेखाली समिती गठित करण्यात आली. दोन्ही समितीचा अहवाल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांना ऊर्जामंत्री बावनकुळे यांनी  सादर केला. मुख्यमंत्री फडणवीस यांनी हा अहवाल कॅबिनेट समोर ठेवला. मंत्रीमंडळाच्या आज झालेल्या बैठकीत या विषयावर चर्चा होऊन ऊर्जामंत्री यांच्या अध्यक्षतेखाली एक उपसमिती ग‍ठीत करण्याचा निर्णय घेण्यात आला.
औद्योगिक वीज ग्राहकांना वीज दरात सवलत देण्यासाठी मंत्रिमंडळाने आज गठीत केलेली उपसमिती वीज दराचा अधिक अभ्यास करून उद्योगांना योग्य प्रकारे सवलतींचा फायदा कसा देता येईल या संदर्भातही विचार करेल. विदर्भ मराठवाडयातील उद्योगांना वीज दरात सवलत देण्याचे अश्वासन शासनाने दिले होते. या उपसमिती चे गठन म्हणजे शासनाने दिलेला आश्वासन पाळण्यासाठी उचललेले एक महत्वपूर्ण पाउल म्हणावे लागेल.


नौकरी भर्ती प्रक्रिया आसान बनाने के लिए आसानजॉब्स की पहल

नौकरी भर्ती प्रक्रिया आसान बनाने के लिए आसानजॉब्स की पहल

~ सत्यापन के लिए एकही स्थान पर देगी समाधान ~

मुंबई, 24 मई 2016: भारत में प्रवेश स्तर और मध्यम स्तर की नौकरियों के लिए एक अग्रणी भर्ती कंपनी आसानजॉब्स डॉट कॉम  ने नौकरी चाहने वालों और नियोक्ताओं क्रमश: दोनों के लिए नौकरी पाने और सत्यापन प्रक्रिया को सरल बनाते हुए अपने नियोक्ताओं (ग्राहकों) को साक्षात्कार के लिए सत्यापित उम्मीदवारों की पेशकश करने की योजना की घोषणा की है। 

एक नियम के रूप में अधिकांश नियोक्ता फर्म में साक्षात्कार के लिए उम्मीदवार का चयन करने के बाद ही पृष्ठभूमि का सत्यापन करते है और यदि उम्मीदवार बाद में सत्यापन प्रक्रिया में विफल रहता है तो इससे दोनों पक्षों पर प्रभाव पड़ता है। इस समस्या को खत्म करने के लिए आसानजॉब्स ने कई शीर्ष एजेंसियों के साथ करार किया है जो  संभावित उम्मीदवारों की संपूर्ण पृष्ठभूमि सत्यापन के संचालन में विशेषज्ञ रही हैं। कौशल, शैक्षिक पृष्ठभूमि, इतिहास, आईडी प्रूफ, एड्रेस प्रूफ, आधार सत्यापन आदि जैसी जानकारी का पुनरीक्षण करने से योग्य उम्मीदवार नियोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय प्रतीत होंगे और उन्हे उपयुक्त नौकरी पाने में सहायता मिलेगी।

इस विकास पर टिप्पणी करते हुए सिद्धार्थ गुप्ता, आसानजॉब्स विपणन और पीआर के प्रमुखने कहा, "हर क्षेत्र में निरंतर विकास के कारण कुछ समय से भारत का नौकरी बाजार अत्यंत प्रतिस्पर्धी बन गया है। इस विकास से, दबाव के अंदर काम करनेवालेअत्यधिक कुशल पेशेवरोंकी मांग में वृद्धि हुई है। उस मांग की पूर्ति करने के लिए, हमने एक सरल समाधान बनाया है जो नौकरी भर्ती की गतिशीलता को पूरा कर सकता हैं, जिससे नियोक्ताओं और संभावित नौकरी चाहने वालों दोनों को बहुत लाभ होगा। सत्यापित उम्मीदवारों को प्रदान करने के लिए इस नए कदम से बड़े पैमाने पर,उम्मीदवारों पर भरोसा बढ़ाने के माध्यम से बाजार में बड़े पैमाने पर बदलाव होगा, जो कि कई नियोक्ताओं के मुख्य कार्यों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। "

भारतीयों को स्मार्ट टैक्स सेविंग निवेश में सहायक है वैल्दीडॉटइन

भारतीयों को स्मार्ट टैक्स सेविंग निवेश में सहायक है वैल्दीडॉटइन

मुंबई, 24 अप्रैल 2016: अधिकांश भारतीय रणनीतिक वित्तीय योजना से बेपरवाह हैं। बहुत से लोगों के लिए निवेशों की घोषणा और टैक्सों को मैनेज करना परेशानी भरा और टाईम-खाउ काम है।  ऐसे में निवेश संबंधी सलाह और ट्रांजेक्शन प्लैटफॉर्म प्रदान कर के संपत्ति निर्माण में सहायता देने वाली कंपनी 'वैल्दीडॉटइन' भारतीयों को सावधानीपूर्वक निवेश फैसले करने में मदद दे रही है। वैल्दीडॉटइन के संस्थापकों ने कैपिटल असैट प्राइसिंग मॉडल पर आधारित एक अनूठा अल्गोरिदम क्रैक किया है, यह मॉडल मॉडल नोबल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्रियों मार्कोविट्ज़, शार्प व मिलर द्वारा प्रस्तावित है। विशिष्ट अल्गोरिदम लोगों को उनके लिए सबसे उपयुक्त निवेश विकल्पों तक पहुंच प्रदान करता है, यह प्लैटफॉर्म सारी प्रक्रिया को व्यवस्थित करता है तथा कागजी कार्यवाही एवं बेकार के ट्रांजेक्शन व मेन्टेनेंस चार्जिस को खत्म करता है। और क्योंकि इसमें पहले से सोचा-समझा गया अल्गोरिदम सर्वश्रेष्ठ अनुकूल निवेश विकल्प उठाता है इसलिए बाय- डिफॉल्ट सभी विकल्प निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रयोक्ता के हित में होते हैं। यह फाइनेंशियल सर्विसिस प्लैटफॉर्म उस हर प्रयोक्ता का सहायक है जो टैक्स से अपनी आमदनी बचाना चाहता है और बिना वक्त गंवाए तुरंत यह काम पूरा करने को तत्पर है। 

वैल्दीडॉटइन प्रयोक्ताओं को टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट में मदद करती है (वर्तमान वि.व. के अनुच्छेद 80सी के तहत)। एक पेचीदा अल्गोरिदम को काम में लाते हुए कंपनी ने 3 टैक्स सेविंग म्युचुअल फंड चुने हैं जो आगे निवेश को सुगम करते हैं। इनमें शामिल हैं ऐक्सिस म्युचुअल फंड, रिलायंस टैक्स सेवर फंड और आईसीआईसीआई लाँग टर्म इक्विटी फंड। इसके अलावा वैल्दीडॉटइन ने एक स्मार्ट कैल्कुलेटर की सुविधा भी दी है जो वर्तमान निवेशों में अंतर की पड़ताल करता है और पूर्ण या छिटपुट भुगतान के विकल्प पेश करता है। यह प्लैटफॉर्म अपने अभिनव कागज-मुक्त एवं तत्काल केवायसी सेवा के जरिए पूरी प्रक्रिया को तीव्रता से आगे बढ़ाता है।

आदित्य नरुला बने रुबिक के चैनल ऐक्विज़िशन हैड

आदित्य नरुला बने रुबिक के चैनल ऐक्विज़िशन हैड



मुंबई, 24 मई 2016: लोगों एवं लघु व मध्यम उद्यमों की वित्तीय आवश्यकताओं के लिए तकनीक-सक्षम तथा आरंभ से अंत तक समाधान देने वाले वन स्टॉप ऑनलाइन मार्केटप्लेस रुबिक ने कॉर्पोरेट बैंकिंग, फाइनेंसिंग और बीमा उद्योग के अनुभवी आदित्य नरुला को अपना चैनल ऐक्विज़िशन हैड नियुक्त किया है। भारत में फिनटैक स्टार्टअप्स के फलते-फूलते कारोबार में कदम रखने वाले कॉर्पोरेट ऐक्जीक्यूटिवों की फेहरिस्त में अब आदित्य भी एक चुनौतीपूर्ण भूमिका निभाने के लिए शामिल हो गए हैं। अपनी नई क्षमता में वह रुबिक के चैनल ऐक्विज़िशन व ऐक्टिवेशन नैटवर्क के विस्तार का जिम्मा संभालेंगे।

इस नियुक्ति पर रुबिक के संस्थापक व सीईओ मानवजीत सिंह ने कहा, ’’आदित्य अपने साथ रिटेल फाइनेंस, कॉर्पोरेट बैंकिंग और बीमा कारोबार का व्यापक अनुभव लेकर आ रहे हैं। रुबिक की प्रगति के इतने अहम वक्त में उन्हें अपनी टीम में पाकर हम बेहद रोमांचित हैं। नए बिजनेस डैवलपमेंट, रिलेशनशिप मैनेजमेंट, डिस्ट्रीब्यूशन सैटअप तथा जोखिमों को मौकों में बदलने की उनकी गहरी जानकारी व कौशल की मदद से रुबिक कस्टमर ऐक्विजिशन के संभावित रास्ते तलाशेगा और सभी जगहों पर बेहतर ग्राहक पहुंच बढ़ाने की रणनीति बना सकेगा।’’

आईएमटी गाजियाबाद से फाइनेंस में एमबीए आदित्य को 14 सालों का कार्यानुभव है जिसमें उन्होंने रिटेल फाइनेंस, कॉर्पोरेट बैंकिंग, बीमा क्षेत्रों में काम किया और अब फिनटैक में आ गए हैं। रुबिक से पहले आदित्य टाटा एआईजी जीआईसी लि. में बैंकाश्योरेंस के प्रमुख और ऐफिनिटी पार्टनर थे। उन्होंने कई वित्तीय संस्थानों में अहम नेतृत्व भूमिकाएं अदा की हैं जैसे स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जीआईसी, टाटा मोटर्स लि. व एचडीएफसी बैंक जहां उन्होंने मुख्य रूप से बिजनेंस फाइनेंस आवश्यकताओं, बैंकाश्योरेंस चैनल व स्टेकहोल्डर इंटरेस्ट के मामले संभाले। आदित्य रणनीतिक, फाइनेंस व मार्केटिंग प्लांनिंग, करोबारी रणनीति विकास, बिक्री व परिचालन प्रबंधन तथा क्रॉस-फंक्शनल क्षमताओं में खास महारत रखते हैं इसलिए रुबिक की वृद्धि योजनाओं में वह बहुत मूल्यवान साबित होंगे।

मालेगाव बॉम्ब स्फोट प्रकरणाच्या निकालाविरोधात काँग्रेस न्यायालयात जाणार – संजय निरुपम

मालेगाव बॉम्ब स्फोट प्रकरणाच्या निकालाविरोधात
काँग्रेस न्यायालयात जाणार – संजय निरुपम






मालेगाव बॉम्ब स्फोटातील पिडीतांचे नातेवाईक आझाद मैदान येथे उपोषणास बसले होते. याप्रसंगी मुंबई काँग्रेसचे अध्यक्ष संजय निरुपम म्हणाले की, जेव्हापासून मोदी सरकार आले आहे तेव्हापासून आतंकवाद या विषयावर राजनीती होत आहे. मालेगावमध्ये जेव्हा बॉम्ब ब्लास्ट झाला तेव्हा ATS चे जिगरबाज अधिकारी हेमंत करकरे यांनी या प्रकरणाची चौकशी सुरु केली. तेव्हा त्यांना कळले की या बॉम्ब ब्लास्ट साठी ज्या विशेष (मुस्लीम) धर्माच्या लोकांना जबाबदार धरले जात होते. त्यांचा या प्रकरणामध्ये काही संबंध नव्हता. या प्रकरणात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघाचे (RSS) लोक सामील होते. हे सर्व RSS षड्यंत्र होते. या चौकशीत कर्नल पुरोहित, साध्वी प्रज्ञा सिंह यांचे नाव पुढे आले. साध्वी प्रज्ञा सिंह या पूर्ण षडयंत्राच्या मुख्य सूत्रधार होत्या. या बॉम्ब स्फोटासाठी लागणारे RDX कर्नल पुरोहित यांनी सप्लाय केले होते. तेव्हा भाजपावाले ओरड करू लागले की या प्रकरणात जाणूनबुजून हिंदूंचे नाव गोवले जात आहे. त्या वेळेस लालकृष्ण अडवाणी हेमंत करकरेंना भेटले. हेमंत करकरे नितीन गडकरींना भेटले. जे त्यावेळेस भाजपाचे राष्ट्रीय अध्यक्ष होते. हेमंत करकरेंनी या प्रकरणाची सर्व माहिती नितीन गडकरींना दिली आणि सर्व भाजपा नेत्यांची तोंडे बंद झाली. पण आता सरकार बदलले आणि चौकशीची दिशाच बदलली. मोदी सरकार NIA चा दुरुपयोग करत आहे. ATS च्या रिपोर्ट मध्ये दोष शोधा आणि नवी चार्जशीट फाईल करा असे त्यांचे म्हणणे आहे. जे हेमंत करकरे २६/११ च्या हल्ल्यामध्ये शहीद झाले. त्यांचे नाव भाजपाचे नेते बदनाम करत आहेत. हेमंत करकरेनी कर्नल पुरोहित यांच्या घरी RDX लपवले आणि त्यांचे नाव या प्रकरणात अडकवले असा खोटा आरोप हे भाजपावाले आणि RSS वाले करत आहेत. आम्ही या सर्वांसाठी भाजपच्या विरोधात कायदेशीर लढा देऊ. NIA च्या माध्यमातून मोदी सरकार आणि RSS जे षड्यंत्र करत आहेत. त्यात आम्ही त्यांना यश मिळू देणार नाही. त्यांच्या या नकली चेहऱ्याचा आम्ही पर्दाफाश करू. मालेगाव बॉम्ब स्फोट प्रकरणाच्या निकालाविरोधात काँग्रेस न्यायालयात जाईल.

ते पुढे म्हणाले की, माझे मोदी सरकारला एक सांगणे आहे की आतंकवादावर  राजनीती करणे बंद करा. आतंकवादी हिंदू असो, मुस्लीम असो किंवा अजून कोणत्याही धर्माचा असो तो आतंकवादी च असतो. आतंकवादाला कोणताही धर्म नसतो. कर्नल पुरोहित आणि प्रज्ञा सिंह ठाकुर या समाजात एका सडक्या अंड्यासारख्या आहेत. त्यांच्या अटकेमुळे भारताची कोणतीही बदनामी होणार नाही.

महाराष्ट्र प्रदेश काँग्रेस कमिटीचे अध्यक्ष श्री अशोक चव्हाण म्हणाले की,  मालेगावमध्ये नमाज नंतर जे बॉम्ब स्फोट झाले. त्यात जे लोक मारले गेले त्यांचे नातेवाईक त्यांना न्याय मिळावा अशी आस लावून बसले आहेत. सरकार कोणतेही असुदे त्यांना न्याय मिळायला हवा. त्यांना जोपर्यंत न्याय मिळणार नाही तोपर्यंत आम्ही शांत बसणार नाही. शहीद हेमंत करकरे यांनी या प्रकरणाची पूर्ण इमानदारीने चौकशी केली. पण आता सरकार बदलले, चौकशीसुद्धा बदलली. सरकारने या चौकशीमध्ये धाव्लाधवल करण्यास सुरवात केली. त्यामुळे ATS ने या प्रकरणाचा रिपोर्ट दिला होता आणि नंतर NIA जो रिपोर्ट दिला त्यात फरक झाला. रोहिणी सालियन या प्रकरणाच्या सरकारी वकील होत्या. त्यांनी ६ महिन्यापूर्वी पोलिसांना जबानीत सांगितले होते की त्यांच्यावर या केस संदर्भात दबाव टाकला जात आहे. यानंतर त्यांनी आपल्या पदाचा त्याग केला. जोपर्यंत मालेगाव बॉम्ब स्फोटातील पिडीतांच्या नातेवाईकांना, सर्व मालेगाव वासियांना न्याय मिळत नाही. तोपर्यंत आम्ही सर्व त्यांच्या बरोबर आहोत. त्यांना कोणालाही घाबरण्याची गरज नाही. काँग्रेस पार्टी त्यांच्या पाठीशी खंबीरपणे उभी आहे.  

मालेगाव बॉम्ब स्फोटातील पिडीतांचे नातेवाईक आझाद मैदान येथे आमदार आसिफ शेख यांच्या नेतृत्वाखाली उपोषणास बसले होते. या उपोषणात महाराष्ट्र प्रदेश काँग्रेसकमिटी अध्यक्ष श्री अशोक चव्हाणमुंबई काँग्रेस अध्यक्ष श्री संजय निरुपम, आमदार श्री असलम शेख, अल्पसंख्याक मुंबई विभागाचे अध्यक्ष निजामुद्दीन राईन,महाराष्ट्र प्रदेश काँग्रेस कमिटीचे सचिव सय्यद झीशान अहमद, महाराष्ट्र प्रदेशकाँग्रेस कमिटीचे प्रवक्ता अल-नासीर झकेरिया सहभागी झाले होते. याप्रसंगी शहिद हेमंत करकरे यांना आदरांजली अर्पण करण्यात आली.

पारंपरिक मच्छिमार सेवा समिती नें अरब सागर में शिवस्मारक का किया विरोध

पारंपरिक मच्छिमार सेवा समिती नें अरब सागर में
शिवस्मारक  का किया विरोध
संवाददाता
मुंबई / पारंपरिक मच्छिमार सेवा समिती ने  अरब सागर में  बनाए जाने वाले शिवस्मारक का विरोध किया है. इस मामले में अरब सागर में 
शिवस्मारक  जिस स्थान पर बनाया जाने वाला है, उस स्थान पर
मछुआरे  अपने नाव में काला झंडा लगाकर निषेध  में  समुंद्र में चक्कर लगाए जाने कि  जानकारी समिती के प्रमुख मार्गदर्शक रोहित पांडे ने दिया है. गौरतलब है की     मुंबई मराठी पत्रकार परिषद मे आयोजित पत्रकार परिषद में संबोधित कर रहे थे. शरकार की तरफ से मुंबई के अरब सागर में भव्य शिवस्मारक  बनाए जाने की योजना बनाया गया है. इसके लिए सरकार ने मच्छिमारने वालो को विश्वास मे नही लिया.
मच्छिमारने वालो  की तकलीफ को  समझा नही गया है और शिवस्मारक की योजना  बनाई गयी है. शिवस्मारक के कारण  मच्छिमारने का काम पुरी तरह  उद्ध्वस्त होने वाली है.  इसलिए  स्मारक का विरोध किया जा रहा है, यह पांडे ने कहा.स्मारक  बनायी जाने वाले स्थान पर शिण्ड, घोळ, कोता, रावस, बिल्जा, तारली,  झिंगा इस तरह अनेक प्रकार की  मच्छली मारी जाती है.स्मारक निमार्ण करने के लिए भारी पैमाने पर भराव किया जाने वाला है. तथा समुंद्र में पत्थरो की तोडफोड करते समय व  सिमेंट और  मिश्रीत केमिकल के कारण यहा का मत्स्यबीज नष्ट होने वाला है. इसलिए २५ मई को २०० मच्छी मारने वाली नाव में  काला झंडा लगाकर निषेध किया जयेगा यह जानकारी  पांडे ने दिया है  उक्त अवसर पर मच्छली  मारने वालो की सभी संस्थाए  साथ में आए यह निवेदन पांडे ने किया है।